Uric Acid Home Remedies: दिसंबर का महीना खत्म होते-होते ठंड भी अपने चरम पर पहुंचने लगता है। सर्दी बढ़ते ही खांसी-जुकाम का खतरा तो बढ़ता ही है, साथ ही गठिया के मरीजों की समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। इस बीमारी के कारण लोगों को उठने-बैठने में परेशानी, हमेशा जोड़ों में दर्द और उंगलियों मे सूजन की शिकायत रहती है। सर्दियों में जोड़ों का दर्द कई बार असहनीय भी हो जाता है। बता दें कि शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता से लोग गठिया से पीड़ित हो जाते हैं। यूरिक एसिड एक ऐसा केमिकल है जो शरीर में प्यूरीन प्रोटीन के ब्रेक से बनता है।
ये प्रोटीन कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान से गठिया की बीमारी और यूरिक एसिड के स्तर पर काबू पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि सर्दियों में किन चीजों का सेवन इन मरीजों के लिए फायदेमंद होगा –
आंवला: ठंडा का महीना आते ही कई घरों की छत पर आंवले सूखते हुए नजर आ जाते हैं। इससे बनी चटनी, मुरब्बा और अचारे को लोग चटकारे लेकर खाते हैं। विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत आंवला जोड़ों में दर्द को कम करने में कारगर है। साथ ही सूजन को भी दूर करता है। इसे खाने से यूरिक एसिड का स्तर संतुलित रहता है।
अजवाइन: इस घरेलू मसाले में इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। ये सूजन को कम करता है और दर्द से राहत दिलाने में भी अजवाइन असरदार साबित होता है। आप चाहें तो इसे साबुत खा सकते हैं या फिर अजवाइन से बना काढ़ा भी पी सकते हैं। इसे बनाने के लिए एक चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में डालें और 6 घंटे तक रहने दें। फिर एक बर्तन में इस मिश्रण को गिराएं और करीब 10 से 15 मिनट के लिए उबालें। अब एक छलनी की मदद से इसे छानकर गिलास में डालें और काढ़े का सेवन गुनगुना ही करें।
दलिया: यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ मरीजों को फाइबरयुक्त भोजन करने की सलाह देते हैं। इसलिए लोगों को नियमित रूप से मसूर दाल, दलिया, ओट्स, केला और पालक का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
मेथी: मेथी में कैल्शियम और आयरन उच्च मात्रा में मौजूद होता है, जो जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। साथ ही, इसमें विटामिन-सी पाया जाता है जो सूजन को कम करने में सहायक है।

