Tips for Thyroid Patients: इस कोरोना काल में लोगों को अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदार होने की बेहद जरूरत है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क हो जाना चाहिए। पिछले 6 महीने से जो शब्द सबसे अधिक चर्चा में रहा है वो है इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक प्रणाली। वैज्ञानिकों के मुताबिक जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, उन्हें इस वायरस से संक्रमण का खतरा अधिक है। कमजोर इम्युनिटी के लोग केवल कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि दूसरी बीमारियों की चपेट में भी आसानी से आ जाते हैं। इन्हीं में से एक बीमारी है थायरॉयड जो आज के युवाओं में आम हो चुकी है। इस बीमारी को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से –

दो प्रकार के होते हैं थायरॉयड: ‘थायरॉयड’ गर्दन में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो थायरोक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करती है। ये हार्मोन शारीरिक गतिविधियों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन इस हार्मोन के अनियमित होने पर लोग हाइपर व हाइपो थायरॉयड की परेशानी से जूझते हैं। हाइपर थायरॉयड में जहां शरीर में हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है, वहीं, हाइपो में थायरॉक्सिन का प्रोडक्शन कम हो जाता है जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है। इसके हाइपर हो जाने से ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ जाता है।

ये हैं आम कारण:

कमजोर इम्युनिटी
शरीर में आयोडीन की कमी
बॉडी में पर्याप्त सेलेनियम न होना
स्ट्रेस
जेनेटिकल
विटामिन डी की कमी
धूम्रपान
हार्मोनल इंबैलेंस
शरीर में कम मात्रा में विटामिन ए बनना
बॉडी में टॉक्सिंस की मौजूदगी
मोटापा
गलत खानपान
बढ़ती उम्र

इन लक्षणों को न करें इग्नोर: थायरॉयड से पीड़ित महिलाओं को तुरंत थकान, बार-बार भूख लगने की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा, मौसम में आए बदलाव को भी ये झेल नहीं पाती हैं। ज्यादा प्यास लगना, पसीना आना, नींद की कमी और वजन का बढ़ना-घटना भी इसके लक्षणों में शामिल हैं। हेयरफॉल, ड्राय स्किन, सुस्ती, कब्ज, स्ट्रेस, बेचैनी जैसी आम परेशानियां भी थायरॉयड की ओर संकेत करती हैं।

बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय: थायरॉयड ग्लैंड ठीक तरह से कार्य कर सके इसके लिए शरीर में आयोडीन व सेलेनियम की पूर्ति होना जरूरी है। मशरूम, चिया सीड्स, सी फूड खाने से इनकी पूर्ति होती है। फिजिकल एक्सरसाइज के साथ ही विटामिन डी भी पर्याप्त मात्रा में लें, इसके लिए सुबह की धूप सबसे बेहतर विकल्प है। वजन पर नियंत्रण रखें। थायरॉयड के मरीजों को अपनी डाइट में वो खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जिनसे उनका मेटाबॉलिक रेट बेहतर हो।