भारतीय अमेरिकी प्रोफेसर और उसकी टीम ने हाथ में पकड़ा जा सकने और कम लागत वाला ऐसा उपकरण विकसित किया है जो दर्दनाक स्पेकुलम का इस्तेमाल किए बिना गर्भाशय के कैंसर का पता लगाएगा। उत्तर कैरोलिना की ड्यूक यूनिवर्सिटी में निम्मी रामानुजम और अनुसंधानकर्ताओं की उनकी टीम ने कहा कि जेब में आ सकने वाला कोलपोस्कोप लैपटॉप या मोबाइल फोन से कनेक्ट हो सकता है। इसकी मदद से महिलाएं अपनी जांच स्वयं भी कर सकती हैं। भारतीय अमेरिकी प्रोफेसर निम्मी रामानुजम ने कहा कि गर्भाशय के कैंसर की जांच की मौजूदा प्रक्रिया में एक स्पेकुलम, एक कोलपोस्कोप और जांच करने के लिए उच्च प्रशिक्षित पेशेवर की जरूरत होती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की वित्तीय मदद से विकसित उपकरण का डिजाइन कोलपोस्कोप की तरह है जो पॉकेट में रखे जा सकने वाले टैम्पॉन से मिलता जुलता है। बाकी पेज 8 पर
इसके एक छोर पर लाइटें और एक कैमरा लगा होता है। इसमें एक इंसर्टर भी लगा होता है जिसके जरिए कोलपोस्कोप को अंदर डाला जा सकता है और यह प्रक्रिया पूरी तरह स्पेकुलम मुक्त होती है। महिलाएं ज्यादातर जिन कैंसर का शिकार होती हैं उनमें गर्भाशय का कैंसर चौथे नंबर पर है। अमेरिका में हर साल 10 हजार से ज्यादाऐसे मामले सामने आते हैं।

अब ड्रायर में तेजी से सूखेंगे कपड़े
कपड़े सुखाने के लिए एक घंटे का इंतजार करना परेशानी का सबब हो सकता है, वो भी जब आपको जल्दबाजी हो, लेकिन अब चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं क्योंकि भारतीय मूल के एक अमेरिकी शोधकर्ता ने इसका उपाय ढूंढ़ निकाला है।
टेनेसी के आॅक रिज नेशनल लैबोरेटरी में विरल पटेल और शोधकर्ताओं की उनकी टीम ने एक ऐसे ड्रायर को विकसित किया है जो गीले कपड़ों को अपेक्षाकृत काफी तेजी से सूखा सकता है। इसे अल्ट्रासोनिक ड्रायर कहा गया है, इसमें पारंपरिक ड्रायरों की तुलना में पांच गुना ज्यादा ऊर्जा होने की बात कही जा रही है और यह करीब आधे समय में ही बड़े पैमाने पर कपड़ों को सूखा सकता है। पटेल ने नॉक्सविले न्यूज सेंटिनेल को बताया कि यह पूरी तरह से एक नई पद्धति है। वाष्पीकरण के बजाए तकनीकी रूप से फैब्रिक के भीतर नमी का निष्कासन मशीन के जरिए किया जाता है। मूल रूप से, यह ड्रायर तेज गति से हिलाकर कपड़े से पानी को बाहर निकालता है।