Uric Acid Ayurvedic Remedies: बॉडी में अगर यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो इससे कई स्वास्थ्य समस्या का खतरा भी बढ़ता है। हेल्दी बॉडी में यूरिक एसिड की रीडिंग 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होती है। जिन लोगों के शरीर में इस एसिड का स्तर इससे अधिक होता है उन्हें हाई यूरिक एसिड की समस्या हो जाती है। शरीर में इसकी अधिकता से गठिया व किडनी स्टोन का खतरा होता है। वहीं, इसके कारण जोड़ों में दर्द, उंगलियों में चुभन, शरीर में सूजन और उठने-बैठने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय इस परेशानी को कम करने में कारगर है। इन्हीं उपायों में से एक है मुलेठी –
औषधि का दिया जाता है दर्जा: आयुर्वेद में मुलेठी को बेहद अहम और महत्वपूर्ण माना गया है। मुलेठी में एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं जो यूरिक एसिड बढ़ने पर होने वाली सूजन को कम करने में कारगर है। शरीर में फ्री रैडिकल्स वहां मौजूद टॉक्सिक पदार्थों को निकलने में अड़चनें पैदा करती है। वहीं मुलेठी के सेवन से शरीर फ्री रैडिकल्स के लड़ने में सक्षम हो पाता है। इससे हाई यूरिक एसिड के अलावा कई दूसरी बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलती है।
महत्वपूर्ण तत्व होता है मौजूद: मुलेठी का इस्तेमाल कई लोग आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी करते हैं। कई स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करने में कारगर है। इस जड़ी-बूटी में एक महत्वपूर्ण तत्व पाया जाता है जो यूरिक एसिड के मरीजों के लिए फायदेमंद है। ग्लाइसिराइजिन कंपाउंड सूजन को घटाने में मदद करता है जिससे कि गठिया के मरीजों को आराम मिलता है।
ये उपाय भी हो सकते हैं कारगर: यूरिक एसिड का बढ़ना जिसे आम भाषा में हाइपरयूरिसेमिया भी कहते हैं, एक जीवन शैली से जुड़ा रोग है। अपनी दिनचर्या में सुधार लाकर इस रोग पर काबू पा सकते हैं। सबसे जरूरी है कि लोगों को वजन पर संतुलन रखना चाहिए। ज्यादा मीठा खाना, प्रोटीन की अधिकता और शराब के सेवन से बचना चाहिए। हेल्दी रहने के लिए लोगों को शारीरिक गतिविधियों को भी अहमियत देनी चाहिए।
इनसे बना लें दूरी: यूरिक एसिड का स्तर शरीर में प्यूरीन नामक प्रोटीन की अधिकता के कारण बढ़ जाता है। कुछ खाद्य पदार्थों में ये प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है, ऐसे में उनसे दूरी बना लेना जरूरी है।
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