कब्ज़ पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसकी वजह से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतें भी पैदा हो सकती हैं। यह तब होती है जब मल त्याग कम हो जाता है, या फिर मल इतना कड़ा और सूखा हो जाता है कि उसे निकालने में कठिनाई होती है। लंबे समय तक मल बड़ी आंत में रुकने से पेट में फूला-फूला महसूस होता है और खिंचाव की वजह से दर्द भी हो सकता है। यदि कब्ज़ का समय रहते इलाज न किया जाए तो इसके साइड इफेक्ट जैसे पेट दर्द, गैस, भारीपन, भूख कम लगना और मल त्याग पूरा न होने की समस्या बढ़ सकती है।

कब्ज़ से राहत पाने के लिए सही तरह से और सही डाइट का सेवन करना बेहद जरूरी है। ईशा फाउंडेशन की वेबसाइट पर हाल ही में शेयर किए गए एक वीडियो में सतगुरु ने कब्ज़ दूर करने के सात आसान और प्रभावी घरेलू उपाय बताए हैं। इन उपायों को अपनाकर पुरानी से पुरानी कब्ज़ में भी आराम पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कब्ज को दूर करने के लिए कौन-कौन से उपायों को अपनाएं।

दिन की शुरुआत नीम और हल्दी से करें

सदगुरु रोज सुबह नीम की पत्तियां और हल्दी की गोलियां खाने की सलाह देते हैं। नीम एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है जबकि हल्दी में करक्यूमिन भरपूर होता है जो पाचन सुधारने और सूजन कम करने में मदद करता है। दोनों मिलकर शरीर से टॉक्सिन और परजीवी बाहर निकालते हैं और पाचन तंत्र को साफ करते हैं। इससे कब्ज की समस्या कम होती है।

पानी से भरपूर फूड्स का करें सेवन

सदगुरु के अनुसार अगर आप बाहर का या जंक फूड ज्यादा खाते हैं, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए रोजाना अपनी डाइट में पानी से भरपूर सब्जियां और फलों को शामिल करें। हमारा शरीर 70% पानी से बना है, इसलिए पानी वाले फल-सब्जियां पाचन को आसान बनाते हैं और कब्ज दूर करते हैं। कब्ज का इलाज करने के लिए अपनी डेली डाइट में आप फलों और सब्जियों को शामिल करें।

बार-बार खाना नहीं खाएं

सदगुरु कहते हैं कि खाना बुरा नहीं है, लेकिन बार-बार खाना हानिकारक है। बार-बार स्नैक्स खाने से पाचन तंत्र को आराम नहीं मिल पाता और वह लगातार काम करता रहता है। लंबे समय में इससे आंतों की गति धीमी हो जाती है और कब्ज की समस्या बढ़ती है। साथ ही लगातार स्नैकिंग से ब्लड शुगर भी बढ़ता-घटता रहता है।

खाने की शुरुआत घी से करें

परंपरागत रूप से, घी को भोजन की शुरुआत में खाया जाता था, क्योंकि यह पूरे पाचन तंत्र को लुब्रिकेट करता है और भोजन आसानी से आगे बढ़ता है। लेकिन घी को कार्बोहाइड्रेट या चीनी के साथ मिलाकर न खाएं, क्योंकि इससे शरीर में फैट बढ़ता है। इसलिए शुरुआत में घी खाने से कब्ज में आराम मिलता है।

डेयरी प्रोडक्ट से करें परहेज

सदगुरु के अनुसार दूध-दही में मौजूद कुछ एंजाइम आजकल वस्त्रों में इस्तेमाल होने वाले चिपकने वाले पदार्थ जैसे होते हैं जो पानी में नहीं घुलते। ज्यादा डेयरी लेने से ये आंतों में चिपक जाते हैं और मल को आगे बढ़ने में कठिनाई पैदा करते हैं, जिससे कब्ज बढ़ सकता है।

त्रिफला या अरंडी का तेल लें

त्रिफला आंवला, बहेड़ा और हरड़ के मिश्रण का सेवन करें। ये आंतों को साफ रखने के लिए बेहद प्रभावी है। इसे पानी, दूध या शहद के साथ लिया जा सकता है।
अगर त्रिफला न मिले, तो रात में सोने से पहले आधा चम्मच गर्म अरंडी का तेल पानी के साथ लें। इससे सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है।

तनाव और नकारात्मक विचारों से दूर रहें

सदगुरु बताते हैं कि अगर आपके विचार और भावनाएं कन्फ़्यूज़्ड या अटकी हों, तो यह भी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। दिमाग और पाचन तंत्र आपस में जुड़े होते हैं। इसलिए मन को शांत और साफ रखें इससे कब्ज भी दूर होती है।

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