Thyroid Diet Tips: आज के समय में बेहद आम हो चुकी है थायरॉयड की बीमारी। पहले जहां उम्रदराज लोगों में ये रोग देखने को मिलता था, वहीं अब व्यस्क भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ये बीमारी दो प्रकार की होती है – हाइपो थायरॉयड और हाइपर थायरॉयड। इसमें ज्यादातर मामले हाइपोथायरॉयडिज्म के सामने आते हैं जिसे अंडरैक्टिव थायरॉयड भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लापरवाह जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण ज्यादातर लोग थायरॉयड की बीमारी से परेशान होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि मरीजों को किन फूड्स से दूरी बना लेनी चाहिए –
गेहूं, चावल, ब्रेड: आमतौर पर खाने में लोग गेहूं और चावल का इस्तेमाल ही सबसे अधिक करते हैं, इनमें पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन थायरॉयड रोगियों के लिए ये नुकसानदेह साबित होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें ग्लूटेन पाया जाता है। ये प्रोटीन मरीजों के शरीर में जाकर एंटीबॉडीज की संख्या को कम कर देता है जिससे वो बीमार पड़ सकते हैं। साथ ही, ये थायरॉयड हार्मोन को अनियमित करने के लिए जिम्मेदार होता है।
चाय-कॉफी: हाइपो थायरॉयड से पीड़ित लोगों को चाय-कॉफी कम पीना चाहिए। इसमें मौजूद कैफीन मरीजों के शरीर को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करता है। खासतौर पर वैसे लोग जो थायरॉयड संबंधी दवाओं का सेवन कर रहे हैं उनके लिए कॉफी से परहेज करना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि ये पेय पदार्थ थायरॉयड की दवाइयों को निष्प्रभावी बनाने का काम करती है। इससे ब्लड शुगर लेवल और मरीजों के शरीर में सूजन भी बढ़ सकता है। यहां पढ़ें थायरॉयड के प्रमुख लक्षण
फ्लैक्स सीड्स: स्वस्थ लोगों के लिए अलसी के बीज किसी चमत्कारी औषधि से कम नहीं मानी जाती है। दिल से लेकर किडनी तक के लिए इसका सेवन लाभकारी है। लेकिन इसमें मौजूद तत्व साइनोजेन थायरॉयड के मरीजों के लिए कतरनाक साबित हो सकता है। फ्लैक्स सीड्स या फिर इससे बने तेल के सेवन से मरीजों में गॉयटर होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
गोभी-ब्रोकली: ब्रोकली और गोभी को क्रुसिफेरस सब्जियों में शामिल किया जाता है जो थायरॉयड के मरीजों के लिए हानिकारक साबित होता है। एक अध्ययन के अनुसार इनमें गोइट्रोजेन्स होते हैं जो हाइपोथायरॉयडिज्म के मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। ऐसे में इनके सेवन से बचना चाहिए। हाइपर थायरॉयडिज्म के मरीजों की कैसी होनी चाहिए डाइट
सोया उत्पाद: सोया बरी, आटा या दूध को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन इसके अधिक सेवन से लोगों में हाइपो थायरॉयड से पीड़ित होने का खतरा ज्यादा हो जाता है।
