High Uric Acid Levels: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का मुख्य कारण बैलेंस डाइट का अभाव है। जो लोग अपनी डाइट में प्रोटीन वाले फूड्स को अधिक मात्रा में शामिल करते हैं उनके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। बता दें कि प्यूरीन नामक प्रोटीन की अधिकता से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। ये एसिड खून के जरिये किडनी तक पहंचता है। ज्यादातर समय, पेशाब के माध्यम से यूरिक एसिड शरीर के बाहर निकल जाता है। लेकिन कुछ स्थिति में जब ये नहीं निकल पाता है तो शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता हो जाने पर कई स्वास्थ्य समस्याओं का लोगों को सामना करना पड़ता है।
कितना होना चाहिए शरीर में यूरिक एसिड का स्तर: सामान्य तौर पर पुरुषों में यूरिक एसिड की रीडिंग 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होती है। इससे ज्यादा रीडिंग होने पर आपको हाई यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है। वहीं, महिलाओं इसका लेवल 2.5 से 6 मिलीग्राम/डीएल होना चाहिए।
पुरुषों में अधिक होता है हाइपरयूरिसेमिया का खतरा: शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर हाइपरयूरिसेमिया नाम की बीमारी हो जाती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द, उठने-बैठने में तकलीफ और उंगलियों में दर्द की परेशानी होने लगती है। बता दें कि पुरुषों में इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। ये ब्लड में से यूरिक एसिड को फिल्टर करने के प्रोसेस को ज्यादा तेज कर देता है। एक शोध के अनुसार 40 साल की उम्र में यूरिक एसिड की मात्रा पुरुषों में महिलाओं से 5 गुना ज्यादा मिली।
इन टेस्ट से पता लगाएं यूरिक एसिड लेवल: सीरम यूरिक एसिड टेस्ट ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा को नापने के लिए कराया जाता है। इसे सामान्य स्वास्थ्य जांच के दौरान अथवा किसी रोग या टॉक्सिन का संदेह होने पर कराया जाता है। इस टेस्ट से रक्त में सोडियम की मात्रा घटने, गठिया, कमर के निचले हिस्से में दर्द, छोटे जोड़ों में दर्द, किडनी स्टोन जैसी बीमारियों का पता चलता है। यह निर्धारित करता है कि आपके ब्लड में कितना यूरिक एसिड मौजूद है।
काबू करने में मददगार हैं ये उपाय: यूरिक एसिड को हेल्दी खानपान के जरिये काबू में किया जा सकता है। लोगों को डाइट में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, यूरिक एसिड वाले मरीज अधिक प्यूरीन फूड्स को डाइट में शामिल ना करें। साथ ही, धूम्रपान व एल्कोहल से भी दूरी बनाएं।

