High Blood Pressure Diet, Cause, Symptoms, Remedy, Treatment: हाई ब्लड प्रेशर एक खतरनाक स्थिति है जो आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकती है। यदि आप इस 130/80 श्रेणी में हैं, तो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने से आपको दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी और नेत्र रोग से बचाने में मदद मिल सकती है। ब्लड प्रेशर प्रबंधन 70% जीवनशैली और 30% दवाइयों पर निर्भर होता है। हाई ब्लड प्रेशर आमतौर पर कुछ ऐसा नहीं है जिसे आप महसूस कर सकते हैं या नोटिस कर सकते हैं, क्योंकि आमतौर पर इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर(High Blood Pressure) वालों को अपने खान-पान में भी बदलाव लाने की जरूरत होती है। जानिए लाइफस्टाइल में क्या-क्या बदलाव लाना आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है-
कम नमक खाएं: अपनी डाइट में नमक की मात्रा को कम करें। यहां तक की नमक वाले प्रोसेस्ड फूड भी ना खाएं। इसलिए यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो अपनी डाइट से नमक की मात्रा को कम कर लें, ताकि आपको हृदय रोग या स्ट्रोक की समस्या का सामना ना करना पड़े। इसके अलावा आप घर में रखें मसालों से बनें खाने ही खाएं।
एक्सरसाइज करें: एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए सबसे अच्छी चीजों में से एक है। नियमित रूप से एक्सरसाइज आपके दिल को ब्लड पंप करने में अधिक मजबूत और अधिक कुशल बनाने में मदद करता है, जो आपकी आर्टरीज में दबाव को कम करता है। वास्तव में, 150 मिनट का मध्यम एक्सरसाइज, जैसे चलना, या 75 मिनट का एक्सरसाइज, जैसे दौड़ना, प्रति सप्ताह लो ब्लड प्रेशर और आपके दिल के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है।
अधिक पोटेशियम वाले फूड्स खाएं: पोटेशियम एक महत्वपूर्ण मिनरल है। यह आपके शरीर को सोडियम से छुटकारा पाने में मदद करता है और आपकी ब्लड वेसेल्स पर दबाव को कम करता है। पोटेशियम वाले इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें:
– सब्जियां, खासकर पत्तेदार साग, टमाटर, आलू और शकरकंद
– बीन्स
– डेयरी वाले फूड्स जैसे दूध और दही
– एवोकाडो, एप्रिकॉट्स, केला
डार्क चॉकलेट: अधिक मात्रा में चॉकलेट खाना आपके हृदय के लिए फायदेमंद नहीं होता है, लेकिन कम मात्रा में खाने से होता है। डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड अधिक मात्रा में होता है जो ब्लड वेसेल्स पर दबाव डालने से रोकता है। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि फ्लेवोनॉइड हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाता है और ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।

