हरा चना को छोड़ या छोला भी कहा जाता है, यह स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाव सब्जी, कई तरह के व्यंजन और चटनियां बनाने में किया जाता है। इसके अलावा लोग इसे कच्चा, उबालकर या फिर भूनकर भी खाना पसंद करते हैं। हरे चने में ढेर सारे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ कई गंभीर रोगों से बचाता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, आयरन और विटामिन से लैस हरा चना सेहत के लिए किसी स्वादिष्ट जड़ी-बूटी से कम नहीं है। आइए जानते हैं हरे चने से होने वाले फायदों के बारे में-

हार्ट के लिए: हरे चने में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटाता है गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है, इससे हार्ट की प्रॉब्लम से बचा जा सकता है। 100 ग्राम चने में केवल 62 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। इसके अलावा हरा चना फाइबर से भरपूर होता है, जो आपके पाचन को बेहतर करता है।

हड्डियों के लिए: हरे चने में पर्याप्त मात्रा में मौजूद विटामिन सी और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। इसके सेवन से न सिर्फ हड्डियां मजबूत होती हैं बल्कि बाकी रोगों से लड़ने की शक्ति भी मिलती है। ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस में भी हरा चना काफी लाभदायक होता है।

स्किन और बालों के लिए: विटामिन ई स्किन के लिए और विमाटमिन बी बालों के लिए फायदेमंद होता है। हरे चने में न सिर्फ विटामिन ई और ए भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए हरा चना स्किन और बालों के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है।

सेहत और ब्यूटी के लिए: विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन के, फोलेट, मैग्नीशियम, जिंक, पैंटोथेनिक एसिड और मिनरल्स मिलकर आपको सेहत और ब्यूटी के कई लाभ एक साथ देते हैं। इसके अलावा चने में फाइबर भरपूर होता है इसलिए इसे खाने से शरीर में ब्लड फैट का रेगुलेशन ठीक रहता है। चने में शुगर की मात्रा 0 होती है इसलिए ये डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है।

आंखों के लिए: इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाते हैं और आंखों के साथ-साथ त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। चने में विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन के और विटामिन बी कॉम्पलेक्स होता है इसलिए इसे खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है और आंखों संबंधी गंभीर बीमारियां जैसे रतौंधी, ग्लूकोमा, आई फ्लू आदि नहीं होते हैं।