Vitamin-E Deficiency: शरीर में जब सभी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है तभी लोग हेल्दी रहते हैं। बॉडी फंक्शन ठीक व सुचारू रहे, इसके लिए विटामिन बेहद जरूरी है। बात शारीरिक विकास की हो या फिर अन्य गतिविधियों की, विटामिन्स का होना आवश्यक है। आमतौर पर विटामिन ए, बी, सी, डी, ई, बी-कॉम्प्लेक्स और के की शरीर को जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन्स की कमी से लोग कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
विटामिन ई के बारे में कहा जाता है कि ये सॉल्यूबल फैट युक्त विटामिन है जो बतौर एंटी-ऑक्सीडेंट कार्य करता है। आमतौर लोग ऐसा मानते हैं कि ये विटामिन त्वचा और बालों के लिए जरूरी है। लेकिन ये अधूरा सच है, विटामिन ई रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने से लेकर कोलेस्ट्रॉल और इंफेक्शन को खतरे को भी कम करता है।
क्या हैं विटामिन ई की कमी के लक्षण: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन ई की कमी से इम्युनिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस वजह से लोग आसानी से किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। कम दिखना, आंखों की असामान्य मूवमेंट, नजरें केंद्रित नहीं कर पाना, ड्राय स्किन, सफेद बाल या हेयर फॉल और एनीमिया भी विटामिन ई की कमी का लक्षण है।
इसके अलावा, जो लोग इस विटामिन की कमी से परेशान हैं उनकी प्रजनन क्षमता कमजोर हो सकती है, मांसपेशियों में दर्द, पाचन संबंधी दिक्कतें और कमजोर मांसपेशियों की शिकायत भी उन्हें हो सकती है।
शरीर के लिए क्यों जरूरी है ये विटामिन: जिन लोगों में विटामिन ई की कमी होती है, उनकी बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर अनियंत्रित हो सकता है। साथ ही, वो सर्दी-खांसी जैसी सीजनल और वायरल फ्लू से भी परेशान हो सकते हैं। ये विटामिन शरीर के लिए एक एंटी-ऑक्सीडेंट के जैसे कार्य करता है, ऐसे में इसकी कमी से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में शरीर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाता है।
इतना ही नहीं, विटामिन ई की कमी से नपुंसकता, बांझपन, आंतों में घाव, गंजापन, गठिया, पीलिया, मधुमेह और हृदय रोग जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, इसके कारण गर्भवती महिलाओं को मानसिक तनाव और कई दूसरी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इन फूड्स के जरिये पूरी करें विटामिन ई की कमी: ब्रोकली में विटामिन-ई उच्च मात्रा में मौजूद होता है जो सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है। इसमें मौजूद पोटैशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वहीं, बादाम भी विटामिन-ई का बेहतरीन स्रोत होता है। इसके अलावा, पालक, एवोकाडो, शकरकंद, अंकुरित अनाज और फलों में भी ये विटामिन पाया जाता है।

