Thyroid Cancer: सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा का ऑनलाइन प्रीमियर आज शाम साढ़े 7 बजे से हॉटस्टार पर शुरू हो चुका है। फिल्म में सुशांत और अपनी पहली फिल्म कर रहीं एक्ट्रेस संजना संघी, दोनों ही कैंसर पेशेंट्स की भूमिका निभा रहे हैं। हॉलीवुड फिल्म व नॉवेल के तर्ज पर बनीं इस फिल्म में किज़ी बासु का किरदार निभा रहीं संजना थायरॉयड कैंसर से पीड़ित हैं। असल में ग्लोबोकैन 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल कैंसर के साढ़े 11 लाख से भी अधिक मरीज भर्ती होते हैं। थायरॉयड कैंसर से जुड़े जोखिमों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इस कैंसर का खतरा पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को होता है, आइए जानते हैं क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय-
क्या है थायरॉयड कैंसर: शरीर में हार्मोन को सक्रिय बनाए रखने में थायरॉयड ग्लैंड अहम भूमिका निभाता है। साथ ही, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में भी ये ग्लैंड मददगार होता है। शरीर के कई गतिविधियों को सुचारू रखने में थायरॉयड ग्लैंड का हेल्दी रहना बहुत जरूरी है। लेकिन जब इस ग्लैंड में असामान्य सेल्स की ग्रोथ अधिक होने लगती है तो थायरॉयड कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर इस बीमारी का पता शुरुआती चरणों में चल जाए तो इसका इलाज संभव है।
लक्षणों पर दें ध्यान: इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर अगर ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी को समय रहते पहचानना आसान हो जाता है। मांसपेशियों में कमजोरी, अचानक से वजन घट या बढ़ जाने पर सचेत होने की जरूरत है। इसके अलावा, अत्यधिक थकान महसूस होना या कमजोरी लगना थायरॉयड कैंसर की ओर संकेत करता है। गर्दन में गांठ या फिर सूजन भी इस तरह के कैंसर के लक्षणों में से एक है। आए दिन गला बैठना, खाना निगलने में परेशानी या फिर आवाज में किसी तरह का बदलाव महसूस होने पर भी डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है। ज्यादा ठंड लगने पर भी डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर के कहे अनुसार आप थायरॉयड कैंसर से संबंधी स्क्रीनिंग टेस्ट करवा सकते हैं।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय: गंभीर स्थिति थायरॉयड कैंसर के मरीजों के शरीर में से इस ग्लैंड को निकाल दिया जाता है। आयोडीन या पोटैशियम आयोडाइड के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करना भी मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन मौजूद होने से थायरॉयड कैंसर का खतरा कम होता है। वहीं, अपने डाइट में फाइबरयुक्त भोजन और ओमेगा 3 फैटी एसिड के स्रोतों को भी शामिल करने से थायरॉयड कैंसर का खतरा कम होता है।वहीं, अपने डाइट में फाइबरयुक्त भोजन और ओमेगा 3 फैटी एसिड के स्रोतों को भी शामिल करने से थायरॉयड कैंसर का खतरा कम होता है।

