Tips for Thyroid Patients: थायरॉयड बीमारी को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। पहले जहां उम्रदराज लोग थायरॉयडड की चपेट में आते थे वहीं, आज के समय में व्यस्क भी इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। खराब जीवन-शैली व अनहेल्दी खानपान के कारण लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि ‘थायरॉयड’ गर्दन में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो थायरोक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करती है। ये हार्मोन शारीरिक गतिविधियों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में इस हार्मोन का प्रोडक्शन अत्यधिक मात्रा में होता है तो उससे थायरॉयड नाम की बीमारी हो जाती है। ऐसे में इस बीमारी के मरीजों को अपनी जीवन-शैली का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि कैसी होनी चाहिए थायरॉयड के मरीजों की रूटीन-
सुबह उठने के साथ: मरीजों को सुबह उठने का नियमित समय फिक्स कर देना चाहिए। सुबह दवा खाने के कुछ समय बाद 2 गिलास गुनगुना पानी पीना लाभदायक सिद्ध होगा। वहीं, चाय-कॉफी या फिर नाश्ता दवा खाने के एक घंटे बाद ही करें। इस बीमारी के मरीजों को नाश्ते के साथ लौकी या फिर घर में उगाए गए गेहूं के ज्वार का जूस पीना चाहिए। इसमें मौजूद फाइबर मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद करता है।
खाने के समय: थायरॉयड के मरीजों को खाने-पीने को लेकर कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। बता दें कि थायरॉयड ग्लैंड के अनियमित होने से मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होता है। ऐसे में इसे बेहतर बनाने के लिए थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ खाते रहना चाहिए। बीच-बीच में खाने के लिए अखरोट और बादाम का विकल्प भी बेहतर हो सकता है। इसमें मौजूद सेलेनियम नाम का तत्व थायरॉयड के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे खाने से गर्दन में होने वाली सूजन को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही मरीजों को खाने में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो थायरॉयड को कंट्रोल करने में मददगार हो। काली मिर्च, विटामिन- ए युक्त सब्जियां, दही और सेब का सिरका का इस्तेमाल करें।
शारीरिक सक्रियता भी जरूरी: दवा के साथ ही इन मरीजों को योग को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। सर्वांगासन, मत्यासन, हलासन जैसे योग करने से मरीजों को फायदा हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस बीमारी के मरीजों के लिए फिजिकल एक्टिविटी को महत्वपूर्ण मानते हैं। इसलिए रोजाना आधा घंटा योग और व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा, रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध जरूर पीयें क्योंकि हल्दी में मौजूद तत्व थायरॉयड को कंट्रोल करने में मददगार होते हैं।
इन चीजों से करें परहेज: इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को धूम्रपान और शराब से दूर रहना चाहिए। अल्कोहल शरीर में ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करता है जिससे मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, वनस्पति घी का सेवन भी मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। रेड मीट व कैफीन भी थायरॉयड के मरीजों की दिक्कतों को बढ़ा सकता है। इसके सेवन से मरीजों में नींद की कमी और बेचैनी देखने को मिलती है।

