यूरिक एसिड प्यूरीन मेटाबोलिज्म का परिणाम है। यह एक नेचुरल अपशिष्ट है जो प्यूरीन डाइट का अधिक सेवन करने से बनता है। रेड मीट, ऑर्गन मीट, बीयर जैसे फूड्स में प्यूरीन  ज़्यादा पाया जाता है। प्यूरीन भी प्राकृतिक रूप से बनता है और हमारे शरीर में टूट जाता है। हमारा शरीर इन टॉक्सिन को यूरिन के ज़रिये बॉडी से बाहर भी निकाल देता है। अधिक मात्रा में प्यूरीन डाइट का सेवन करने से ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर हाई होने लगता है। यूरिक एसिड हाई होने पर बॉडी में उसके कुछ लक्षण दिखने लगते हैं जैसे तेज़ जोड़ों का दर्द खासतौर पर बड़े पैर के अंगूठे में, जोड़ों में सूजन और सूजन वाली जगह पर रेडनेस होना, उठने बैठने में परेशानी होना,  जोडों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनना जिसमें चुभन वाला दर्द होता है, कब्ज़, स्किन का ड्राई होना, बार-बार गठिया का दौरा पड़ना,थकान और कमज़ोरी होना शामिल है।

केयर अस्पताल, बंजारा हिल्स, हैदराबाद में क्लिनिकल डायटीशियन और सलाहकार डॉ. जी सुषमा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर हाइपरयूरिसीमिया नामक स्थिति को जन्म दे सकता है, जो जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल के निर्माण में योगदान करता है, जिससे गठिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया यूरिक एसिड का स्तर कई वजह से बढ़ता है जैसे प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे भारी मांस और कुछ समुद्री भोजन, अत्यधिक शराब का सेवन ,मोटापा, मेटाबोलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर, डिहाइड्रेशन और कुछ दवाओं का सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता हैं। 

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कुछ देसी नुस्खे बेहद असरदार साबित होते हैं। आंवला एक ऐसा हर्ब है जो यूरिक एसिड को दवा की तरह कंट्रोल करता है। जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई रहता है वो बदलते मौसम में आंवला का सेवन करें। आइए जानते हैं कि आंवला कैसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है और बॉडी को इसका सेवन करने से कौन-कौन से फायदे होते हैं।

आंवला कैसे यूरिक एसिड को करता है कंट्रोल

आंवले का सेवन साबुत फल, जूस या पाउडर के रूप में किया जाता है। विटामिन सी से भरपूर आंवला हाई यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता हैं। विटामिन सी किडनी के जरिए इसके उत्सर्जन को बढ़ाकर यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। आंवला एक सुपरफूड है जिसका उपयोग गठिया समेत कई बीमारियों से लड़ने में किया जाता है। शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए इस आयुर्वेदिक हर्ब का सेवन करना फायदेमंद साबित होगा।

आंवला में मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करते हैं। आंवला किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड का सही तरीके से उत्सर्जन होता है। यह किडनी की कार्यप्रणाली को सुधारकर यूरिक एसिड के जमाव को रोकने में सहायक हो सकता है।

आंवला के सेहत के लिए फायदे

  1. आंवला का सेवन बदलते मौसम में किया जाए तो मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। विटामिन सी से भरपूर आंवला इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाता है और संक्रमण से बचाव करता है।
  2. आंवला का सेवन करने से पाचन में सुधार होता है। ये कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी परेशानियों को दूर करता है। अक्सर यूरिक एसिड के मरीज कब्ज से परेशान रहते हैं उनके लिए ये रामबाण इलाज है।
  3. आंवला शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है और यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करता है। यह जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करता है और गाउट के खतरे को टालता है।
  4. आंवला का सेवन करने से वजन कंट्रोल रहता है। ये मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
  5. डायबिटीज कंट्रोल करने में आंवला का सेवन असरदार साबित होता है। ये इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है।
  6. आंवला का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है।
  7. किडनी की हेल्थ को सुधारने में आंवला का सेवन जादुई असर करता है। ये किडनी से की सफाई करता है और उसकी कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से करने में भी मदद करता है।
  8. आंवला शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है और यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करता है। यह जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करता है और गाउट के खतरे को टालता है।
  9. डायबिटीज कंट्रोल करने में आंवला का सेवन असरदार साबित होता है। ये इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है।
  10. किडनी की हेल्थ को सुधारने में आंवला का सेवन जादुई असर करता है। ये किडनी से की सफाई करता है और उसकी कार्यप्रणाली को सुचारु रूप से करने में भी मदद करता है।ृ