Tips for Thyroid Patients: आज की अनहेल्दी जीवन-शैली के कारण उम्रदराज लोगों के साथ ही युवा भी थायरॉइड जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। ‘थायरॉइड’ गले में एक विशेष ग्लैंड को कहा जाता है जो हमारे शरीर में मेटाबॉलिक प्रोसेस को एक्टिव रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस ग्लैंड से निकलने वाला हार्मोन थायरोक्सिन शरीर के क्रिया-कलापों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में थायरॉइड ग्लैंड ज्यादा या कम मात्रा में ये हार्मोन पैदा करने लगता है तो उस स्थिति को थायरॉइड कहते हैं।
हाइपो थायरॉइडिज्म और हाइपर थायरॉइडिज्म इस बीमारी के दो प्रकार होते हैं। हालांकि, अपने खानपान और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाकर थायरॉइड की समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है। वहीं, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी होते हैं जो थायरॉइड के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन से खाद्य पदार्थ थायरॉइड के मरीजों को नहीं खाना चाहिए-
गोभी: थायरॉइड के मरीजों को गोभी और ब्रोकली जैसी सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। बता दें कि इन सब्जियों में मौजूद फाइबर थायरॉइड के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है। ज्यादा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से थायरॉइड हार्मोन का फ्लो बढ़ जाता है जिससे मरीजों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सोयाबीन: अगर आप थोड़े मात्रा में या फिर कभी-कभी ही सोयाबीन खाते हैं तो परेशानी की बात नहीं है लेकिन अगर आप इसका सेवन आए दिन करते हैं तो इससे थायरॉइड बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोया युक्त पदार्थों में फाइटोएस्ट्रोजेन पाया जाता है। ये थायरॉइड हार्मोंस को बनाने के लिए जरूरी एंजाइम्स को प्रभावित करता है। एक शोध के अनुसार जो महिलाएं सोयाबीन का अधिक सेवन करती हैं उनमें दूसरों की तुलना में हाइपो थायरॉइडिज्म होने की संभावना 3 गुना ज्यादा होती है।
ग्लूटेन सेंसेटिव फूड: थायरॉइड के बढ़ने का सीधा कनेक्शन ग्लूटेन से भी होता है। गेंहू, बाजरा जौ और राई जैसे कई तरह के अनाज में ग्लूटेन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में अगर मरीज खुद को स्वस्थ व थायरॉइड को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर अंकुश लगाना जरूरी है। इसके अलावा, बाजरा में गॉइट्रोजेंस नामक तत्व भी पाए जाते हैं जो इस बीमारी के मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
