जीरे का प्रयोग लगभग हर घर में तड़का लगाने के लिए होता है। दाल या फिर सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला जीरा औषधीय गुणों का भंडार है। कई तरह की पेट संबंधी समस्याओं में इसका प्रयोग अचूक औषधि के रूप में किया जाता है। जीरा गर्म तासीर वाला भारतीय मसाला है जिसमें मैंगनीज, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। आज हम आपको इसी जीरे के कई सारे फायदे तथा सेवन करने के कायदे के बारे में बताने जा रहे हैं। नियमित रूप से इन नुस्खों का इस्तेमाल आपको तमाम तरह की बीमारियों का प्राकृतिक उपचार उपलब्ध कराता है।
1. खून का संचार ठीक करना हो या फिर वजन घटाना हो, जीरा दोनों के लिए एक कारगर उपाय है। हींग को भुनकर, काला नमक और जीरे के साथ समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को थोड़ी मात्रा में हर दिन दही के साथ लेने पर शरीर में अतिरिक्त फैट कम होता है।
2. जीरे को रातभर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इस पानी को जीरे सहित उबाल लें। उबले पानी की चुस्कियां लेने से तथा बचे हुए जीरे को खा लेने से भी वजन कम होना शुरू हो जाता है। इस बात का ध्यान रहे कि इस जीरे को खाने के बाद लगभग एक घंटे तक कुछ भी न खाएं।
3. जीरे में एंटी बैक्टीरियल गुणों की भरमार होती है। सर्दी और खांसी के लिए यह सर्वोत्तम घरेलू औषधि है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक होते हैं। एक चम्मच जीरे को एक गिलास पानी के साथ उबालें। इसमें थोड़ी मात्रा में पिसा हुआ अदरक भी मिला दें। ठीक से इस मिश्रण को उबालने के बाद इसे छान लें। दिन में दो या तीन बार इस काढ़े को पीने से काफी लाभ मिलता है।
4. गर्भवती महिलाओं में गैस संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यह प्रेग्नेंसी कै दौरान होने वाली मितली और उल्टी जैसी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाने में मदद करती है। सही तरीके से डिलीवरी कराने के लिए होने वाले उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच जीरा पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने रोजाना सेवन करने से गर्भवती महिलाओं को तमाम समस्याओं से काफी राहत मिलती है।![]()

