11 जून से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में भर्ती हैं। उन्हें यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की शिकायत के बाद एम्स लाया गया था। यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यूरीनरी सिस्टम में बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होता है। यूटीआई के सामान्य लक्षणों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में खून आना, पेशाब से तेज बदबू आदि शामिल हैं। यूरीन इन्फेक्शन के ट्रीटमेंट के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि इसका कारण क्या है। चूंकि यह बैक्टीरिया की वजह से होने वाली बीमारी है इसलिए इसके इलाज में एंटी-फंगल और एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
यूटीआई से निबटने के लिए किस तरह का एंटीबायोटिक इस्तेमाल करना चाहिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण यूरीनरी सिस्टम कौन से हिस्से में हुआ है। निचले हिस्सों में संक्रमण के लिए ओरल एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यूरीनरी सिस्टम के ऊपरी हिस्सों में संक्रमण होने पर अंतःशिरा एंटीबायोटिक की जरूरत होती है। इसके अलावा कई सारे घरेलू उपाय भी हैं जिनसे यूरीनरी ट्रैक्ट में संक्रमण को रोका जा सकता है। इन तरीकों के इस्तेमाल से इ नका उपचार भी किया जा सकता है। आइए, जानते हैं कि वे घरेलू नुस्खे कौन-कौन से हैं।
1. गर्म पानी से नहाकर यूरीन इन्फेक्शन से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए आप हर रोज गर्म पानी से स्नान करें और अपने पेट के निचले हिस्से में एक गर्म पैड लगाकर रखें। इससे आपको दर्द से काफी आराम मिलेगा।
2. पेशाब लगे तो रोकने की कोशिश न करें। कई बार ऐसा होगा कि आपको पेशाब लगेगी और कुछ नहीं निकलेगा। ऐसी अवस्था में भी आपको बाथरूम जाना चाहिए। आप जितनी बार पेशाब करने जाएंगे, उतने ही बैक्टीरिया आपके शरीर से बाहर जाएंगे। पोशाब को रोककर रखना बैक्टीरिया बढ़ाने का काम कर सकता है।
3. खीरा पानी का पर्याप्त भंडार होता है। यह शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाता है जिससे शरीर से विषाक्त तत्व बाहर निकलते हैं। इससे भी यूरीन इन्फेक्शन से निजात पाने में सहायता मिलती है।
4. खीरा खाने के अलावा भी खूब पानी पिएं। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना अनिवार्य होता है। इसके अलावा आप ताजा फलों के जूस का भी सेवन कर सकते हैं। कॉफी और एल्कोहल वाले पेय पदार्थों से दूर रहने की कोशिश करें।
