Ayurveda Tips: आमतौर पर होटल या ढ़ाबे से खाकर निकलने से पहले लोग मिश्री जरूर खाते हैं। इसे एक माउथ फ्रेशनर भी माना जाता है। इसके अलावा, पूजा-कीर्तन में भी प्रसाद के तौर पर मिश्री का विशेष महत्व होता है। पर क्या आप जानते हैं कि ये स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होता है। मिश्री जिसे अंग्रेजी में रॉक शुगर कहा जाता है, आयुर्वेद में उसका खास महत्व होता है। ये औषधीय गुणों से भरपूर होता है, आइए जानते हैं विस्तार से –
आयुर्वेद के मुताबिक दूध और मिश्री को साथ में लेने से एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार दूध में मिश्री को मिलाने से ये बतौर एंटासिड काम करता है। जो लोग इस स्वास्थ्य समस्या से परेशान होते हैं उन्हें ठंडे दूध में मिश्री मिलाकर सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, पाचन संबंधी दूसरी दिक्कतें जैसे कि अपच और कब्ज की परेशानी भी दूर होती है।
वहीं, रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर पीने से रात को अच्छी नींद आती है। साथ ही, ये ड्रिंक लोगों के मूड को भी बेहतर करता है और दिमाग शांत रहता है। इसके अलावा, आंखों की सेहत को बेहतर करने के लिए भी इस पेय पदार्थ को असरदार माना जाता है। जानकार बताते हैं कि इसे पीने से मोतियाबिंद जैसी दिक्कत भी दूर हो सकती है।
मस्तिष्क की क्षमता को बेहतर करने में मिश्री का सेवन कारगर साबित होता है। आयुर्वेद में इस बात का जिक्र मिलता है कि दूध में मिश्री मिलाकर पीने से लोगों को तनाव कम होता है, साथ ही उन्हें मानसिक थकान भी नहीं होती है। इसके अलावा, एक गिलास गर्म दूध में मिश्री मिलाकर पीने से सर्दी-खांसी दूर होती है और लोगों का शरीर ऊर्जावान रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है, उन्हें भी इस ड्रिंक का सेवन जरूर करना चाहिए। ये पेय पदार्थ खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। साथ ही, इसे पीने से शरीर में रक्त संचार की प्रक्रिया बेहतर होती है। वहीं, इस प्रचंड गर्मी में मिश्री के पाउडर को ठंडे दूध में मिलाकर पीने से शरीर में ठंडक महसूस होता है।
