Uric Acid Home Remedies: आमतौर पर 30 साल के बाद लोगों को हड्डियों की परेशानी खासकर गठिया और जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि गलत खानपान और खराब जीवन शैली के कारण ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इस कारण लोगों की तकलीफ भी बढ़ सकती है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से हाइपरयूरिसीमिया, गाउट, गठिया-अर्थराइटिस का खतरा होता है। ऐसे में लोगों को अपनी डाइट और डेली रूटीन का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कुछ जरूरी टिप्स जो इसे संतुलित रखने में मददगार है।
खाएं हाई फाइबरस फूड्स: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यूरिक एसिड के मरीजों अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर काबू में रहता है। बता दें कि फाइबर यूरिक एसिड को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है ऐसे में उसकी शरीर में अधिकता नहीं होती है।
डाइट में विटामिन-सी करें शामिल: यूरिक एसिड को कम करने में विटामिन सी भी अहम भूमिका निभाता है। विटामिन-सी शरीर में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों का संचार करता है जिससे जोड़ों का दर्द और सूजन कम करने में मदद मिलती है। ऐसे में विटामिन-सी युक्त फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए। अंगूर, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरीज, संतरा जैसे फल खाएं।
केला खाना होगा लाभकारी: केला को पोटैशियम का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है जो यूरिक एसिड के मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। ये पोषक तत्व यूरिन के जरिये यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मददगार होता है। इतना ही नहीं, केला यूरिक एसिड को क्रिस्टलाइज करने से रोकता है ऐसे में जोड़ों के दर्द की परेशानी कम हो जाती है।
करें आयुर्वेदिक उपायों का इस्तेमाल: गठिया के इलाज में आयुर्वेदिक उपाय भी मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही, इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन यूरिक एसिड के लक्षणों को कम करने में मददगार है। साथ ही, जोड़ों को दर्द कम करने में भी ये लाभदायक है। वहीं, एक अध्ययन के मुताबिक गिलोय के तने का रस अर्थराइटिस यानी गठिया को ठीक करने के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक उपचारों में से एक है। इसके अलावा, त्रिफला में भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेट्री तत्व पाए जाते हैं।

