विवेक रंजन अग्निहोत्री इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म का टीजर रिलीज हो गया है। जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। फिल्म में पल्लवी जोशी और नाना पाटेकर अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं।

फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री अपनी फिल्म का जमकर प्रमोशन कर रहे हैं। इसी बीच फिल्ममेकर ने बॉलीवुड और उनके एक्टर्स की आलोचना की है। बहुत सी बॉलीवुड फिल्में उनके एक्टर्स की वजह से बेवकूफी भरी लगती हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्टार्स के साथ वह काम करते हैं वे कम पढ़े-लिखे हैं और उन्हें दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

विवेक अग्निहोत्री ने बॉलीवुड पर साधा निशाना

विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि “मैं यह किसी एरोगेंट में नहीं कह रहा हूं, लेकिन मुझे लगता है कि जिन स्टार्स के साथ मैं काम करता हूं, वे पढ़े-लिखे नहीं हैं और उन्हें दुनिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं उनसे कहीं अधिक बुद्धिमान हूं। मेरा दुनिया को देखने का नजरिया उनसे बेहतर है। उनके साथ काम करके लगा कि उनकी मूर्खता मुझे भी मेरे करियर में नीचे की तरफ धकेल रही थी। वे इतने मूर्ख हैं कि वे आपको अपने साथ नीचे खींच लेते हैं। अग्निहोत्री ने आगे कहा कि उनकी नकारात्मकता मेरे करियर पर प्रभाव डाला। जिस वजह से मुझ मानसिक रूप से बॉलीवुड को छोड़ने का विचार करना पड़ा।”

बॉलीवुड सेलेब्स को लेकर कही यह बात

फिल्ममेकर ने आगे कहा कि “हिंदी सिनेमा इतना मूर्ख क्यों है? बॉलीवुड की फिल्में अपने एक्टर-एक्ट्रेस कीव वजह से ही गूंगी हैं। बॉलीवुड सेलेब्स इतने मूर्ख हैं कि उनका असर डायरेक्टर और निर्देशकों पर भी देखने को मिलता है। उन्हें लगता है कि दर्शक पागल हैं। एक लेखक और निर्देशक के तौर पर मेरी फिल्म की कीमत फिल्म के स्टार के बराबर है। फिल्म कभी भी मेरी वजह से नहीं जानी जाती, फिल्म हमेशा अभिनेता की वजह से जानी जाती है। इसलिए मैंने तो मानसिक रूप से बॉलीवुड से इस्तीफा दे दिया है।”

मैं फिल्में बेचता नहीं हूं- विवेक अग्निहोत्री

निर्देशक ने आगे कहा कि “जो हमारे दर्शक हैं वो बहुत बुद्धिमान हैं, यदि आप उन्हें अच्छा सामान और कंटेंट दोगे तो वो उसे पसंद करेंगे। उदाहरण के लिए, एक किताबों की दुकान है, वे प्लेबॉय बेचते हैं और वे भगवद गीता भी बेचते हैं। प्लेबॉय की तुलना में गीता की बिक्री कम है, इसलिए मैं अपनी फिल्में बेचता नहीं हूं। मैंने खुद को पूरी तरह से बदल लिया है। मैं बॉक्स ऑफिस पर कमाई के लिए नहीं जनता के लिए फिल्में बनाता हूं।”