Taarak Mehta ka Ooltah Chashmaah: टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा हर उम्र के दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। शो की पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि तारक
मेहता…लगातार टीआरपी कि लिस्ट में टॉप पर बना रहता है। गोकुलधाम सोसाइटी में हर किरदार अपने में अनूठे और अलग हैं लेकिन जेठालाल एक ऐसा किरदार है जिसका मुसीबतें पीछा नही करती बल्कि वो खुद मुसीबतों का पीछा करता है और हर बार अपने लिए नई मुसीबत खड़ी कर देता है।

गोकुलधाम सोसाइटी में ऐसा ही एक नजारा तब देखने को मिलता है जब जेठालाल न चाहते हुए भी बबीता के पति अय्यर से उलझ जाता है। दरअसल होता यूं है कि होली के मौके पर सभी लोग होली खेल रहे होते हैं लेकिन अय्यर होली खेलने से इस बात के कारण मना कर देता है क्योंकि उसको एक जरूरी काम से मीटिंग में जाना था। गोकुलधाम सोसाइटी वाले अय्यर को मनाने की भरसक कोशिश करते हैं लेकिन अय्यर नही मानता। अंत में जब सभी सोसाइटी वाले इस बात के लिए राजी होते हैं कि कोई भी पक्के रंग से होली नही खेलेगा तब अय्यर होली खेलने के लिए आते हैं।

वहीं जेठालाल के मन में अपने साले सुन्दर को पक्का रंग लगाने कि चाह होती है क्योंकि सुंदर ने जेठालाल को काफी परेशान किया था। जेठालाल गोली से कहकर किसी तरह पक्के रंग का इंतजाम करता है और सुंदर को लगाने जाता है लेकिन गलती से वो अपने साले की जगह अय्यर के चेहरे पर पक्का रंग लगा देता है। अय्यर सुंदर की टोपी और मफलर लगाए हुए होता है जिसके चलेत जेठालाल से गलती हो जाती है।

जेठालाल को जब इस बात का एहसास होता है कि उसके हाथों अनहोनी हो गई है तो वो अय्यर भाई के गुस्से से बचने के लिए उनके आगे हाथ जोड़कर विनती करता है। वहीं बबीता भी जेठालाल के इस रवैये के चलते काफी ज्यादा शॉक होती है और जेठालाल को जमकर फटकार लगाती है। आखिरकार गोकुलधाम सोसाइटी वाले होली खेलना रोकते हैं और अय्यर की मदद करने का फैसला करते हैं। अंत में काफी मुश्किलों का सामना करने के बाद अय्यर के चेहरे से पक्का रंग हटता है।