Taarak Mehta ka Ooltah Chashmaah: टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा की कहानी जेठालाल और उसके परिवार के इर्द गिर्द घूमती हुई नजर आती है। वैसे तो तारक मेहता… में हर किरदार दिलचस्प और अपने में अनूठे हैं लेकिन फिर भी जो बात जेठालाल में है वो किसी और में नहीं। जेठालाल उस शख्स का नाम है जिसपर आए दिन कोई न कोई मुसीबत आती रहती है और अगर मुसीबत उस तक नही आती तो फिर वो खुद मुसीबत के पास चला जाता है।
मुसीबतों का दूसरा नाम बन चुके जेठालाल की तकदीर उस वक्त बदल जाती है जब उसके घर में एक नन्ही परी दस्तक देती है। दरअसल जेठालाल की पत्नी दया को मंदिर से एक 2 साल की छोटी सी बच्ची मिलती है। बच्ची के आस पास कोई नहीं होता और वो टोकरी में होती है। बच्ची की सलामती के लिए दया उसे अपने घर ले जाने का फैसला करती है। दया के साथ बच्ची को देखकर शुरू में तो जेठालाल और उसका पूरा परिवार थोड़ा घबराता है लेकिन फिर दया द्वारा बताई गई कहानी सुनकर भावुक हो जाता है।
जेठालाल गोकुलधाम निवासियों को उस बच्ची के बारे में बताता है। बच्ची के बारे में जानकर पत्रकार पोपटलाल और रोशन सिंह पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करने का फैसला करते हैं। जेठालाल और दया भी उनकी बात से सहमत होते हैं और बच्ची के माता पिता को तलाशने के लिए पुलिस की मदद लेने को उचित समझते हैं। वहीं दूसरी तरफ जेठालाल बच्ची को जब अपनी गोद में लेता है तो फिर काफी ज्यादा भावुक हो जाता है और दया से कहता है कि उसे ऐसा लग रहा है मानो जैसे उसके बेटी का पिता बनने की ख्वाहिश पूरी हो गई हो।
बच्ची के माता-पिता की तलाश जाारी रहती है और इस बीच बच्ची जेठालाल और दया के घर में ही रहती है। पूरी गोकुलधाम सोसाइटी वाले उस बच्ची से बेहद प्यार करने लगते हैं। दया उस बच्ची का नाम खुशी रखती है। जहां एक ओर जेठालाल बच्ची का पिता बनने का एहसास लेकर खुश हो रहा होता है वहीं दूसरी तरफ उसका बेटा टप्पू भी बहन के आ जाने से फूला नही समाता। हालांकि बाद में बच्ची के मां का पता चल जाता है और उसे गोकुलधाम छोड़कर जाना पड़ता है।

