निर्देशक इम्तियाज अली का कहना है कि रणबीर कपूर अभिनीत उनकी आगामी रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘तमाशा’ अभिनय और कहानी बयां करने के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण है।

इस फिल्म को लेकर लोगों की उम्मीदों से ‘हाईवे’ के निर्देशक परेशान नहीं हैं। 2011 में ‘रॉकस्टार’ की सफलता के बाद रणबीर और इम्तियाज की यह दूसरी फिल्म होगी। उनका मानना है कि ‘तमाशा’ की अपनी खासियत है और इसमें नई तरह की चुनौतियां हैं।

इम्तियाज (43) ने कहा, ‘‘उम्मीदों के कोई मायने नहीं है। ‘रॉकस्टार’ एक ऐसी फिल्म थी जिसे हमने बनाया और उसका आनंद उठाया। यह फिल्म (‘तमाशा’) काफी चुनौतीपूर्ण है। हमें नई चीजें मिलीं जिन्हें अभिनय, फिल्म और कविता के जरिए दिखाने की जरूरत थी।’’

पटकथा लेखक-निर्देशक को आज के जमाने की प्रेम कहानियों के मर्मस्पर्शी प्रस्तुतिकरण के लिए जाना जाता है। ‘जब वी मेट’ के फिल्मकार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हिंदी फिल्में किसी और चीज से ज्यादा एक खास तरह की नैतिकता को साथ लेकर चलती है, जो हमारे समाज का एक हिस्सा है। मेरा मानना है कि भारतीय फिल्में संगीत प्रधान होती हैं और वे हमारे समाज में मौजूद नैतिक सोच पर आधारित होती हैं।

इम्तियाज ने कहा, ‘‘वास्तव में मैं अपनी फिल्मों को बनाने के दौरान और उनके बन जाने के बाद उन्हें जांचता रहता हूं कि वे अपनी नैतिक मूल्यों से कहीं भटकें नहीं क्योंकि मुझे मालूम है कि कई लोग इसे देखते हैं।’’

इम्तियाज ने बताया कि ‘‘अर्थपूर्ण सिनेमा’’ से अधिक अलग तरह की, हल्की फुल्की फिल्में उन्हें ज्यादा प्रभावित करती हैं।