एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में डॉक्यूमेंट्रीज का अपना ही एक अलग मजा है। सलीम-जावेद की डॉक्यूमेंट्री ‘एंग्री यंग मेन’ जैसी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें काफी कुछ पुराने इतिहास और फिल्मों के किस्सों के बारे में देखा गया था। ऐसे में ही अब एक नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज काफी चर्चा हैं, जो कि भारत की नदियों के इतिहास के बारे में बताती है। इसका टाइटल है ‘सदानीरा’, जिसका निर्माण मध्य प्रदेश सरकार के जलगंगा अभियान के तहत किया गया है।
भोपाल स्थित भारत भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित इस शृंखला का पहला एपिसोड, ‘ब्रह्मांड की उत्पत्ति और पृथ्वी पर जल का आगमन’, एक भव्य शुरुआत है। लेकिन ‘सदानीरा’ की चर्चा सिर्फ़ इसके विषयवस्तु तक सीमित नहीं है, इसकी आत्मा है इसका संगीत, जिसमें बॉलीवुड की दो सदाबहार आवाज़ें शान और कुमार सानू नदियों को स्वर देते हैं। उनकी आवाज एक दम मंत्रमुग्ध कर देने वाली हैं।
‘सदानीरा’ के टाइटल ट्रैक में शान की आवाज़ सुनते ही यह एहसास होता है कि कोई नदी सचमुच गा रही हों। गीत की धुन में एक विशालता है और शान की गायकी उस भव्यता को गहराई देती है। गाने में कुमार सानू की भावनात्मक गहराई है। गाने को बोल देवऋषि और आईएएस पी. नरहरि ने लिखे हैं और संगीत भी देवऋषि ने दिए हैं। इसके साथ ही इसमें ऐसे सीन्स दिखाए गए हैं, जो आपके दिलों को छू लेते हैं। AI विज़ुअल्स कमाल का अनुभव कराते हैं।
‘सदानीरा’ क्यों देखनी चाहिए?
‘सदानीरा’ उस सिनेमाई प्रोजेक्ट्स में से एक है जो धरोहर, अध्यात्म और विज्ञान के संगम पर खड़ा है। इसमें ना केवल तथ्य हैं, बल्कि भावनाएं भी हैं। यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ नर्मदा, सरस्वती, गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों की कहानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने जा रही है और वह भी एक ऐसे ऑडियो-विजुअल शैली में जिसे पहले कम देखा गया है।
यदि आप कला, संस्कृति और प्रकृति की त्रिवेणी में डुबकी लगाना चाहते हैं और भारतीय संगीत के उन स्वर-पुरुषों को नए अवतार में सुनना चाहते हैं जिन्होंने दशकों तक आपके दिल को छुआ है तो ‘सदानीरा’ आपके लिए है। यह डॉक्यूमेंट्री एक नदी की आत्मकथा है, गीतों और दृश्यों के माध्यम से कही गई है।
