प्रियंका चोपड़ा के प्रोडक्शन की पहली मराठी फिल्म वेंटीलेटर रिलीज हो चुकी है। इस मौके पर उनकी मां मधु चोपड़ा ने कहा कि वो एक बहुत अच्छी लेखक हैं, कविता लिखती हैं, कहानियां लिखती हैं और प्रोज भी लिखती हैं। उनके पास बचपन से ही कई भाषाओं का ज्ञान है। आपको घर में प्रिंयका की लाइब्रेरी को देखना चाहिए जिसमें साधारण लाइब्रेरिज से ज्यादा लगभग 8,000 या 9,000 किताबें मौजूद हैं। लेट होने पर वो हमेशा शर्मिंदा होते हुए कहती है कि मुझे माफ कर दो मैं ठीक तरह से काम नहीं कर पाई। लेकिन मां मधु को बेटी की परेशानी का पता है। वो किस तरह दो देशों के बीच सामंजस्य बैठा रही है। डॉक्टर चोपड़ा गर्व से कहती हैं मेरी बेटी ऐसी ही है। अगर वो किसी चीज को हाथ में लेती है तो उसे अपनी क्षमताओं के हिसाब से बेस्ट करके ही दम लेती है। आठवीं क्लास से ही उसे डायरी लिखने की आदत है। इतने सालों में कई डायरीज वो लिख चुकी है। हमें वो सभी तो नहीं पर कुछ अच्छी बातें पढ़ाती है।
मूवी रिव्यू: जानिए कैसी है प्रियंका चोपड़ा की मराठी फिल्म ‘वेंटिलेटरट’
प्रियंका की मां से पूछा गया कि एक मां होने के नाते उन्हें कैसा लगता है। इसपर उन्होंने कहा कि मुझे उसपर गर्व है। आज वो जो कुछ भी है अपनी कड़ी मेहनत की वजह से है। ये बात मुझे सबसे ज्यादा गर्व का अनुभव करवाती है। वो यहां कहीं से नहीं आती इसके बावजूद अपनी मेहनत और इंटैलिजेंस की वजह से उसने सबकुछ पा लिया है।
प्रियंका बचपन में कैसी थी इस सवाल के जवाब में मधु चोपड़ा ने कहा वो टॉमब्वॉय की तरह थी और काफी बुद्धिमान भी। उसे हमेशा अच्छे ग्रेड मिले और क्लास में टॉप किया। मुझे लगता है कि बच्चे में थोड़ी सी शरारत होनी चाहिए जो उसकी विकसित होती पर्सनैलिटी का साइन है। मिस इंडिया बनने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया और फेमिना ने उसकी ग्रूमिंग की। इसके बाद वो शारीरिक तौर पर बदलने लगी और बेहद खूबसूरत हो गई। वैसे वो बचपन से ही काफी खूबसूरत दिखती थी। पीजेंट में हिस्सा लेने के दौरान वो रोती थी तो हमने घर की कुछ फोटोज भेज दीं उसे चुप कराने के लिए। वो उस वक्त केवल 17 साल की बच्ची थी। उसने कभी मेकअप नहीं किया था और ना ही हाई हील्स पहनी थी। लेकिन जैसा मैंने कहा वो जो भी करती है उसमें अपनी पूरी क्षमता लगा देती है। इसके बाद जो हुआ वो सभी के सामने है।

