सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद शनिवार सुबह यहां के बांद्रा स्थित लीलावती अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ अभिनेता दिलीप कुमार को निगरानी में रखा गया है। उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा कि अगले 72 घंटे अहम हैं। हालांकि दिलीप कुमार की अभिनेत्री पत्नी सायरा बानो के मुताबिक दिलीप कुमार की सेहत में सुधार हो रहा है।

डॉक्टर जलील पार्कर ने कहा, ‘अगले 72 घंटे अहम हैं। हम लोग लगातार नजर रखे हुए हैं। उनको आइसीयू में स्थानांतरित करना पड़ सकता है।’ पार्कर ने कहा, ‘जिस तरह भोजन को पचने में करीब तीन घंटे लगते हैं, उसी तरह उपचार पर मरीज की प्रतिक्रिया में भी समय लगता है।’

दूसरी ओर जानीमानी अभिनेत्री और दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने जानकारी दी कि तेज बुखार और सीने में संक्रमण के इलाज के लिए भर्ती किए गए दिलीप कुमार की हालत अब स्थिर है और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। तड़के दो बजे 93 साल के दिलीप कुमार को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सायरा ने दिलीप कुमार के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से उनकी सेहत के बारे में जानकारी दी। सायरा ने एक बयान में कहा, ‘दिलीप साहब को 15 अप्रैल की रात तेज बुखार और सीने में संक्रमण के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में तेज सुधार के लिए उन्हें नसों के जरिए एंटीबॉयटिक लेने की सलाह दी गई है।’

उन्होंने कहा, ‘मुंह से लेने वाली दवाएं उतनी असरदार नहीं होंगी जितनी आइवी इंजेक्शन। लिहाजा, उन्हें अस्पताल में भर्ती करना जरूरी हो गया था। उनकी सेहत में सुधार हो रहा है और ईश्वर की कृपा से उनकी हालत स्थिर है। डॉक्टर उनका पूरा ख्याल रख रहे हैं । वह अस्पताल के एक कमरे में हैं, आइसीयू में नहीं हैं।’ इससे पहले, दिलीप कुमार का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने कहा था कि उन्हें 72 घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा।

इससे पहले पार्कर ने कहा, ‘‘उन्हें बुखार था और कई बार उल्टी भी हुई। वह निमोनिया से भी पीड़ित थे। उनकी श्वेत रक्त कोशिकाएं भी बढ़ी हुई थीं । हमने उन्हें अस्पताल में भर्ती करना बेहतर समझा।’

93 वर्षीय अभिनेता दिलीप कुमार के जन्म का नाम मोहम्मद यूसुफ खान था लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मों में अपना नाम दिलीप कुमार रख लिया। छह दशक लंबे अपने कैरियर में अभिनेता ने ‘मधुमति’, ‘देवदास’, ‘ मुगल ए आजम ’ , ‘गंगा जमुना ’ , ‘राम और श्याम ’ , ‘ कर्मा ’ समेत कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। ‘अंदाज’ , ‘बाबुल’, ‘मेला’, ‘दीदार ’ , ‘जोगन’ और अन्य फिल्मों में हताश नायक की भूमिकाओं के लिए उन्हें ‘ट्रेजडी किंग’ के नाम से जाना जाता है। उनकी पिछली फिल्म ‘किला’ 1998 में प्रदर्शित हुई थी।

कुमार को 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इससे पूर्व उन्हें 1991 में पद्म भूषण और 1994 में भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था।