अभिनेता आलोक नाथ पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लेखिका एवं निर्माता विनता नंदा का कहना है कि 20 साल पहले उनके साथ जो हुआ, उसके बाद वह पहली बार निडर महसूस कर रही हैं। विनता नंदा ने टीवी के संस्कारी बाबू आलोक नाथ पर 1990 के दशक में उनके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। जब संवाददाताओं ने नंदा से इस मुद्दे पर आलोक नाथ के रुख के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “जो हुआ है, उसके बारे में सामने आकर उसे स्वीकार करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है। उन्होंने 2003-2005 में भी मेरे आरोपों से इनकार नहीं किया था, जब मैंने मीडिया में इस बारे में कहा और लिखा था। इसलिए वह इस स्थिति में नहीं हैं कि वह मेरे आरोपों को आज भी झुठला सके। पहली बार इन 20 वर्षो में मैं निडर महसूस कर रही हूं। विनता ‘मी टू’ मूवमेंट पर कहती हैं कि यह बहुत ही प्रेरित करने वाला अभियान है और इसी की वजह से आज मैं अपनी बात सभी के सामने रख पाई हूं।

1990 के दशक के मशहूर शो ‘तारा’ की लेखिका व निमार्ता विनता नंदा द्वारा अभिनेता आलोक नाथ पर करीब दो दशक पहले उनके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाने के बाद ‘द सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन’ (सिंटा) ने अभिनेता को नोटिस भेजने का फैसला किया है। अभिनेता पर्दे पर अपनी ‘संस्कारी’ छवि के लिए जाने जाते हैं। नंदा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मैंने इस क्षण के आने का 19 साल से इंतजार किया।” नंदा ने कहा कि वह फिल्म और टीवी उद्योग में सबसे ‘संस्कारी’ व्यक्ति माने जाते थे।

सिंटा के जनरल सेक्रेटरी सुशांत सिंह ने कहा कि आलोक को ‘कारण बताओ’ नोटिस भेजा जाएगा। उन्होंने नंदा से शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया और कहा, “हम आपको पूरा समर्थन देते हैं।”नंदा द्वार पोस्ट में ‘संस्कारी’, ‘मुख्य अभिनेता’ और ‘उस दशक का स्टार’ जैसे शब्दों का जिक्र किया जाना साफ तौर पर आलोक नाथ की ओर इशारा कर रहा था।
बाद में उन्होंने एसएमएस के जरिए आईएएनएस से इस बात की पुष्टि की और कहा, “यह आलोकनाथ है। मुझे लगा कि ‘संस्कारी’ कहना काफी होगा।”