द‍िल वाले दुल्‍हन‍िया ले जाएंगे का ह‍िट गाना ‘मेहंदी लगा के रखना…’ के फ‍िल्‍म में आने की कहानी बड़ी द‍िलचस्‍प है। दरअसल जत‍िन लल‍ित ने यश चोपड़ा और आद‍ित्‍य चोपड़ा को यह गाना द‍िखाया-सुनाया था। तब उन्‍होंने इस पर कोई प्रतिक्र‍िया नहीं दी। इस पर ज‍त‍िन लल‍ित को लगा क‍ि उन्‍हें गाना पसंद नहीं आया। लेक‍िन, अचानक दो महीने बाद जत‍िन लल‍ित को चोपड़ा की ओर से एक फोन आया। फोन पर उस गाने की डि‍मांड हो गई। इस बीच, यह गाना फ‍िरोज नड‍ियाडवाला की फ‍िल्‍म के ल‍िए उन्‍हें दे द‍िया गया था। इसके बावजूद जत‍िन ल‍ल‍ित ने चोपड़ा को गाना देने का वादा कर द‍िया। हालांक‍ि, तब गाने के बोल थोड़ा अलग थे। गाना कुछ इस तरह था- मेहंदी लगा कर चलना, पायल बजा कर चलना, आश‍िकों से अपना दामन बचा के चलना। खुशक‍िस्‍मती यह रही क‍ि नड‍ियाडवाला की वह फ‍िल्‍म कभी बनी ही नहीं।

जब ज‍त‍िन लल‍ित ने यह गाना देने का वादा कर द‍िया तो एक द‍िन यश चोपड़ा, आद‍ित्‍य चोपड़ा, आनंद बख्‍शी के साथ ज‍त‍िन लल‍ित की बैठक हुुुई। इसका अंतरा फाइनल करने के ल‍िए। गाने के इतने सारे अंतरे ल‍िख डाले गए क‍ि चोपड़ा के ल‍िए इसे फाइनल करना मुश्किल हो गया। सारे अंतरे उन्‍हें अच्‍छे लग रहे थे। तब उन्‍होंने इसे फाइनल करने की ज‍िम्‍मेदारी बख्‍शी साहब को ही दे दी। पर पंजाबी में उनसे एक बात जरूर कही क‍ि गाने में शाहरुख खान की बड़ी धमाकेदार एंट्री होनी चाह‍िए। इस पर बख्‍शी साहब ”कुड़‍ियां मुंडे” वाली लाइन खुद गाने लगे। जत‍िन लल‍ित ने वो आलाप बांध द‍िया जो गाने में शाहरुख करते द‍िखाई देते हैं। उस बैठक में ऐसा समां बंध गया क‍ि ह‍िट गाना बनने की गारंटी बन बई। फ‍िल्‍म आई तो ऐसा ही हुआ।