पांच राज्यों में विधनसभा चुनाव के नतीजे आने के साथ ही लोग सोशल मीडिया पर नेताओं के पुराने बयान और ट्वीट्स को शेयर कर अपने अंदाज में चुटकी ले रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के समय आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ की शिकायतों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि मैं एक इंजीनियर होने के नाते ईवीएम से छेड़छाड़ करने के 10 तरीके जानता हूं।
2017 के विधानसभा के चुनाव के दौरान केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं आईआईटी से पढ़ा इंजीनियर हूं और मैं आपको ईवीएम से छेड़छाड़ के 10 तरीके बता सकता हूं। ‘ इसके बाद उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग ने कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया, जिससे जनता में भरोसा लौटे। चुनाव आयोग जानबूझकर धृतराष्ट्र बन गया है, जो अपने बेटे दुर्योधन को किसी भी तरह सत्ता दिलाना चाहता है। इन मशीनों में क्या गड़बड़ है वह जांच करके क्यों नहीं बताता। ‘
जिसके बाद इन आरोपों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने के लिए खुला चैलेंज रखा था। इससे पहले उन्होंने चुनाव आयोग को कई बार चुनौती देते हुए कहा था कि वह उन्हें ईवीएम मुहैया करा दें, वह साबित कर देंगे कि इसको टेम्पर्ड किया जा सकता है।
वहीं अब आम आदमी पार्टी ने पंजाब में जबरदस्त बढ़त बना ली है और पंजाब में सत्ता की कुर्सी पर आप काबिज होने वाली है तो लोगों ने EVM से छेड़छाड़ वाले मुद्दे पर केजरीवाल को सोशल मीडिया पर घेरना शुरू कर दिया है।
राजू शाह नाम के एक यूजर ने लिखा कि मोदी सपा, कांग्रेस के खिलाफ हैं। वह केजरीवाल के कट्टर समर्थक हैं। इसलिए उन्होंने मणिपुर, उत्तराखंड, यूपी और गोवा में ईवीएम को ठीक किया लेकिन पंजाब में ऐसा नहीं किया, जिससे केजरीवाल की जीत हुई।
अभिषेक कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘केजरीवाल ने एक बार दावा किया था कि वह ईवीएम आसानी से हैक करने योग्य है और उनके मंत्रियों ने इसके बाद कुछ मूर्खतापूर्ण प्रोटोटाइप के साथ प्रदर्शन किया। लेकिन अब AAP पंजाब में जीतने जा रही है, क्या वह पंजाब चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम में अपनी हैकिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करेंगे?
फिल्म और टेलीविजन लेखक, रवि राय ने ट्वीट कर लिखा कि केजरीवाल ने अभी तक ईवीएम को लेकर रोना नहीं रोया है। न मायावती, न चन्नी, न नवजोत सिंह। मणिपुर, गोवा, पंजाबी, उत्तराखंड में भी EVM पर चुप्पी, शिवपाल और मुलायम भी शांत हैं।
रवि जांगीड़ ने ट्वीट करते हुए लिखा, ’10 मार्च को उत्तर प्रदेश और मणिपुर में EVM हैक होगी, गोवा और उत्तराखंड में EVM हैकिंग अनिश्चित है और पंजाब में, केजरीवाल , राघव चड्ढा बताएंगे कि EVM को हैकिंग से कैसे बचाया जाता है।
बता दें कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद से ही कई नेतागण ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले कई नेता चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहे थे कि EVM को टेम्पर्ड किया जा सकता है।
