Kangana Ranaut, Javed Akhtar: कंगना रनौत पिछले दिनों अर्णब गोस्वामी के शो पर ‘नेपोटिज्म’ पर बेबाकी से अपनी राय रखती दिखी थीं। इस पर देशभर से कंगना रनौत को काफी सपोर्ट मिला। सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Death) की मौत के बाद से ही एक के बाद एक कई सेलेब्स नेपोटिज्म पर खुलकर बोलते दिख रहे हैं। इस बीच अर्णाब गोस्वामी के शो में कंगना के बेधड़क बयानों ने खूब सुर्खियां बटोरीं।

इससे इंडस्ट्री के कई लोगों को परेशानी भी हुई। तापसी पन्नू, स्वरा भास्कर ने कंगना को ‘सुशांत की मौत’ पर नेपोटिज्म का मुद्दा उठाने को सुर्खियां बटोरने का जरिया कहा। तो वहीं राजदीप सरदेसाई ने भी अपने डिबेट शो में नेपोटिज्म पर चर्चा रखी, जिसमें अख्तर फैमिली को डिस्कशन के लिए बुलाया गया। इस पर फिल्म डायरेक्टर अशोक पंडित ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘राजदीप सरदेसाई ने खूब लेक्चर दिया था, उन्हें अर्णब गोस्वामी संग कंगना के इंटरव्यू से दिक्कत थी। लेकिन नेपोटिज्म पर अख्तर फैमिली संग अपनी चैट से उन्हें कोई परेशानी नहीं है।’

अशोक पंडित के इस पोस्ट को देख कर गई लोगों ने रिएक्ट करना शुरू कर दिया। सुशांत पंडित नाम के एक यूजर ने कहा- ‘सॉरी लेकिन हर मामले में टांग अड़ना आपका जरूरी नहीं है।’ ऐश्वर्या शांडिल्य नाम के शख्स ने कहा- ‘ये ऐसा ही है जैसे शाहिद हाफीज से ही राय लें आतंकवाद रोकने का , दुनिया में शांति कायम करने का।’

https://twitter.com/ashokepandit/status/1286332194558894081?s=19

बता दें, शो के प्रोमो में जावेद अख्तर कहते नजर आते हैं कि मेरे पास पैसा है, अगर मैं वह पैसा अपने बच्चे पर खर्च कर रहा हूं, तो क्या वह नेपोटिज्म है? फिर तो हर इंडस्ट्री में नेपोटिज्म है।’ जावेद अख्तर के बेटे फरहान अख्तर कहते हैं- ‘अगर आप टैलेंटेड हैं, तो वह टैलेंट अपना रास्ता खुद बना लेगा।’ तो वहीं जोया अख्तर कहती सुनी जाती हैं – ‘अगर मैं एक बार्बर हूं, और मेरी बार्बर शॉप है, तो क्या मैं उस शॉप को अपने बेटे को दूंगी या फिर शहर के बेस्ट बार्बर को मैं अपनी दुकान सौंपूंगी? ये बॉटम लाइन है।’

इस वीडियो को देख कर भी कई लोगों ने रिएक्शन दिए। एक यूजर ने कहा- एक नेपोटिज्म प्रोडक्ट बाकी तीन नेपोटिज्म प्रोडक्ट्स के साथ डिस्कस कर रहा है। सीमा दुबे नाम की एक यूजर ने जोया अख्तर के सवाल का जवाब देते हुए कहा- ‘बार्बर बेशक अपने बेटे को शॉप थमाएगा, लेकिन नए बार्बर के लिए शहर भर में पाबंदियां नहीं लगाएगा, कि ये आगे न बढ़ सके समझे।’