फिल्ममेकर निखिल आडवाणी ने हाल ही में दिवंगत निर्माता यश जौहर और उनकी फिल्मों के प्रति जुनून को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। निखिल ने बताया कि कभी खुशी कभी ग़म का शुरुआती बजट महज़ 3 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन यह पूरी रकम फिल्म के एक ही गाने—‘बोले चूड़ियां’ की शूटिंग में खर्च हो गई।
रेडियो नशा से बातचीत में निखिल आडवाणी ने कहा कि आजकल फिल्मों के बजट एक्सेल शीट्स और महीनों की प्लानिंग से तय होते हैं, लेकिन उस दौर में चीज़ें बिल्कुल अलग थीं। उन्होंने बताया, “जब करण जौहर और मैंने कभी खुशी कभी ग़म की स्क्रिप्ट यश जौहर को सुनाई, तो उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और बजट लिखने को कहा। मैंने 3 करोड़ रुपये लिखा। उन्होंने बिना किसी सवाल के उसे मंज़ूरी दे दी और कहा—फिल्म शुरू करो।”
निखिल ने आगे बताया कि फिल्म का पहला ही सेट ‘बोले चूड़ियां’ के लिए लगाया गया था। “सेट पर पूरा हंगामा था—200 डांसर्स, 300 जूनियर आर्टिस्ट्स। करण सेट पर बेहोश हो गए थे। काजोल को अपने लहंगे से दिक्कत हो रही थी और वह डांस नहीं कर पा रही थीं। करण चाहते थे कि सब कुछ बेहद भव्य दिखे, इसलिए हमने खास तौर पर झूमर तक बनवाए।”
यश जौहर की प्रतिक्रिया को याद करते हुए निखिल ने कहा, “शाम को यश जी ने हमें चाय पर बैठाया और पूछा, ‘तुमने इस फिल्म का बजट नहीं बनाया था?’ मैंने कहा, बनाया था। उन्होंने पूछा, ‘कितना?’ मैंने कहा, ‘याद नहीं।’ तब उन्होंने वही कागज़ निकाला, जिस पर मैंने 3 करोड़ लिखा था, ज़ोर से पढ़ा और कहा, ‘जो सेट तुमने बनाया है, उसकी कीमत इससे ज़्यादा हो चुकी है।’ फिर उन्होंने कागज़ फाड़ दिया और कहा, ‘अब तुम फिल्म बनाओ!’”
निखिल आडवाणी ने कहा कि उन्हें आज भी उस जुनून की कमी खलती है। “पहले फिल्मों को बनाने का एक नशा होता था। यश जौहर को अपनी फिल्मों के लिए घर बेचने तक का ख्याल आया था। यहां तक कि यश चोपड़ा जैसे महान निर्देशक के करियर में भी चांदनी से पहले फ्लॉप का दौर आया था। आज ऐसे लोग कहां हैं? अब तो हम सिर्फ बॉक्स ऑफिस नंबरों में उलझे रहते हैं।”
हालांकि, निखिल को अब भी उम्मीद है। “यश जौहर और यश चोपड़ा के दौर की दीवानगी को अगर कोई वापस ला सकता है, तो वो करण जौहर और आदित्य चोपड़ा हैं। यश जी जैसे निर्माता दोबारा नहीं होंगे। उन्हें सिनेमा की गहरी समझ थी। वे 400 जूनियर आर्टिस्ट्स के लिए कभी मना नहीं करते थे, लेकिन हमेशा पूछते थे—क्यों ज़रूरी हैं।”
