Happy Teacher’s Day 2019: आज पूरे देश में टीचर्स डे ( Teacher’s Day) सेलिब्रेट किया जा रहा है। आम लोगों से लेकर बॉलीवुड सेलेब्स तक अपने टीचर्स को याद कर रहे हैं। इस खास दिन पर हम आपको बताएंगे शाहरुख खान, एक्ट्रेस रकुलप्रीत सिंह से लेकर टीवी स्टार मोहित मलिक के स्कूल के दिनों से जुड़ी कुछ बातें। शाहरुख खान हमेशा क्लास में देरी से पहुंचते थे। इस बात का खुलासा खुद उनकी टीचर ने ही किया है। रकुल प्रीत सिंह ने भी खुलासा किया है कि उनके दो टीचर्स ने उनकी पूरी लाइफ बदल दी है।
शाहरुख खान सेंट कोलंबा स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद हंसराज कॉलेज में हायर स्टडी के लिए गए थे। कॉलेज की इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर अनीता बलानी ने साल 2017 में टीओआई से बातचीत में कहा था, ”शाहरुख साल 1986-1989 तक इकोनॉमिक्स के स्टूडेंट रहे हैं। मैंने उन्हें स्टेटिक्स पढ़ाया है। मुझे आज भी याद है कि शाहरुख हॉकी और अपने बैग के साथ हमेशा क्लास में देरी से पहुंचते थे। हालांकि वह योग्य थे और उन्होंने एचआरसी में टॉप भी किया था। ग्रेजुएशन के बाद उन्हें फौजी मिली थी और आज वह ऊंचाईयों पर हैं।”
एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने बताया कि आर्मी पब्लिक स्कूल की इकोनॉमिक्स टीचर रीता मुखर्जी और ट्यूशन टीचर सुंदरी विश्वानाथन पसंदीदा अध्यापकों में से थीं। रकुल ने कहा, ”जब आप स्कूल में होते हैं तो लगता है कि टीचर आपको अपने ज्ञान से बोर करेंगे। लेकिन मिसेज मुखर्जी हमेशा नया सिखाती थीं। मिसेज विश्वानाथन ने मुझे गणित सिखाया, जो मुझे बिल्कुल नहीं आती थी। उनके कारण ही मैं मैथ्स से ग्रेजुएशन कर सकी। इन दोनों टीचर्स ने मेरी लाइफ बदल दी।”
रकुल की टीचर रीता ने कहा कि एक्ट्रेस ऑल राउंडर थीं। रीता ने कहा, ”रकुल अपनी गोल्फ क्लासेज के लिए हमेशा क्लास बंक करती थी। हालांकि मेरे गुस्सा करने पर भी वह कभी भड़कती नहीं थीं।” वहीं मिसेज विश्वानाथन ने कहा कि रकुल हमेशा से ही एक ब्राइट और खुशहाल स्टूडेंट रही हैं।
कुल्फी कुमार बाजेवाला एक्टर मोहित मलिक ने बताया कि उनकी क्लास टीचर सुनीता गुप्ता ( जो कि आप प्रिसिंपल हैं) ने सिखाया है कि कैसे जिंदगी में असफलता को भी स्वीकार किया जाता है?
एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़े एक्टर मोहित ने कहा, ”जब मैं 11 वीं क्लास में था। हम यूनिट टेस्ट में फेल होने वाले थे। एक दिन स्टाफ रूम का दरवाजा खुला था। मैंने और मेरे दोस्त रूम में जाकर यूनिट टेस्ट की कॉपियों को खिड़की से बाहर फेंक दिया। हालांकि बाद में हम पकड़े गए। लेकिन जब हम सुनीता मैम के पास आए तो वह पहले की तरह की शांत थीं। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि अपनी असफलता को स्वीकार कर उसपर काम करो।”
