सुपर स्टार रजनीकांत का आज अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं लेकिन अपने बर्थडे पर वो एक बात को लेकर बड़े अपसेट हैं। हाल ही में तमिलनाडु की सीएम जयललिता के निधन के चलते वह थोड़े दुखी हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने फैन्स से भी अपने जन्मदिन का जश्न ना मनाने की अपील की है। साथ ही वह खुद भी इस साल अपना बर्थडे नहीं मना रहे हैं। जयललिता के निधन के बाद से ही तमिलनाडु शोक में डूबा हुआ है और इसी के चलते रजनीकांत ने अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से भी अनुरोध किया है की शहर में उनके जन्मदिन के मौके में किसी भी तरह के पोस्टर न लगाए जाये।
रविवार को साउथ इंडियन आर्टिस्ट एसोशिएशन की शोक सभा में पहुंचे रजनीकांत ने जयललिता से जुड़े किस्से शेयर किये। उन्होंने बताया की जयललिता 1996 का विधानसभा चुनाव उनकी वजह से हारी थीं। रजनीकांत ने बताया कि उस वक्त उन्होंने जयललिता की राजनीति की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि अगर वह सत्ता में आईं तो भगवान भी तमिलनाडु को बचा नहीं पाएंगे। रजनीकांत का यह बयान उस समय काफी सुर्खियों में रहा था ।
इतना ही नहीं जयललिता को याद करते हुए रजनीकांत ने बताया कि दोनों के संबंधों में खटास होने बाद भी वह उनकी बेटी ऐश्वर्या की शादी में आई थीं। रजनीकांत ने बताया कि जयललिता को इन्वाइट करना उन्हें महज एक फॉर्मैलिटी लग रही थी। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जयललिता वहां पहुंचेंगी। लेकिन जयललिता अपने शेड्यूल से टाइम निकालकर रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या की शादी में पहुंची थीं। बता दें कि जब से जयललिता बीमार हुई थीं रजनीकांत उनसे अस्पताल में मिलने भी गए थे। जयललिता के निधन के बाद वह उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए राजाजी हॉल भी पहुंचे थे। जयललिता पिछले काफी दिनों से बीमार चल रही थी और 5 दिसंबर को चेन्नई के एक हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया।
