Chandragupta Maurya Show: सोनी टीवी का शो चंद्रगुप्त मौर्य दर्शकों को पसंद आ रहा है। इन दिनों शो की कहानी का मोड़ फैन्स को खूब पसंद आ रहा है। शुक्रवार के एपिसोड में दिखाया गया कि धनानंद की निगाहें अब पौरव राष्ट्र को हासिल करने पर टिकी हैं। पौरव में अपना आधिपत्य स्थापित करने के लिए वह रूद्र देव को भी अपनी रणनीति में शामिल होने के लिए पूछता है। रूद्र देव पौरव की सेना के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वहीं चाणक्य भी धनानंद को जंग में हराने के लिए रूद्र देव की मदद मांगता है।

क्या पौरव सेना का मोर्चा संभालने वाले रूद्र देव धनानंद की मदद के लिए तैयार हो जाता है? नहीं, बल्कि रूद्र देव धनानंद के उन सैनिकों को मार गिराता है, जो चाणक्य के इर्द-गिर्द गलत मकसद से आते हैं। वहीं दूसरी ओर चाणक्य पौरव राष्ट्र के राज गुरू संग अरेना प्रस्थान करता है। चाणक्य पौरव राष्ट्र के लोगों को भरोसा दिलाता है कि उनके राजा अभी जिंदा हैं और उनकी मौजूदगी में पौरव का बाल भी बांका नहीं हो सकता है।


चाणक्य की बात सुनकर धनानंद चाल चलता है और कहता है कि जैसा चाणक्य ने कहा है कि वह अपने विरोधियों का नाश कर देंगे तो क्या ऐसा मलयकेतु कर सकते हैं? चाणक्य को अपने से आगे देखकर मलयकेतु नाराज हो जाता है। इसके बाद मलयकेतु युद्ध का ऐलान कर देता है और एक तरफ होते हैं धनानंद और अंभी राज और दूसरी ओर होते हैं सेल्युकस, रूद्र देव और चंद्रगुप्त मौर्य। हालांकि इस युद्ध में जीत चाणक्य की ही होती है। अंभी कुमार अपने सैनिकों समेत युद्ध स्थल छोड़कर भाग जाता है। हालांकि अंत सेल्युकस रूद्र देव की हत्या कर देता है। रूद्र देव की हत्या की खबर फैलते ही पूरे पौरव साम्राज्य में शोक की तरह दौड़ जाती है। ऐसे में दर्शक उत्साहित हैं जानने के लिए रूद्र देव की मौत के बाद क्या होगा चंद्रगुप्त मौर्य का फैसला?

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