बॉलीवुड के सुपरस्टार अजय देवगन दमदार एक्टिंग और अपनी सीक्वल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। एक्टर की कुछ मजेदार कॉमेडी मूवीज का जिक्र भी अक्सर सिनेमा लवर्स के बीच चलता है। इतना ही नहीं, लोग आज भी उनकी कुछ हिट फिल्मों को बार-बार ओटीटी पर देखना पसंद करते हैं। खैर, यहां एक ऐसी फिल्म का जिक्र कर रहे हैं, जिसे रिकॉर्ड करने के दौरान म्यूजिक डायरेक्टर के आंसू भी नहीं थमे थे। सिनेमाघरों में सॉन्ग के बोल सुनकर दर्शकों का भी गला भर आया था।
आज के दौर के गाने लोगों को डीजे पर डांस करने पर मजबूर करते हैं। लेकिन एक दौरा ऐसा रहा है, जब 90 के दशक के मशहूर गीतकार के गाने लोगों को इमोशनल करते थे, और लोगों को उस तरह के गाने ही ज्यादा पसंद आते थे। यहां जिक्र समीर आनंद का कर रहे हैं, जिन्होंने म्यूजिक लवर्स को एक अलग तरह के रोमांस से अवगत करवाया। उनके गानों की लिस्ट इतनी लंबी है कि आपको हर एक गाने में आपको बिल्कुल अलग शांति महसूस होगी। खैर, उनका एक गाना ऐसा भी रहा है, जिसे सुनने के बाद सिनेमाघरों में बैठे लोग भी भावुकर होकर रो पड़े थे।
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समीर आनंद का एक पुराना इंटरव्यू सुर्खियों का हिस्सा बन गया है। उन्होंने बताया था कि वो एक फिल्म के गाने को बनाने के लिए बैठे थे। इस दौरान अचानक लाइट चली गई थी, तो समीर ने कहा कि गाने को फिर कभी बनाया जाएगा। खैर, म्यूजिक कंपोजर नदीम-श्रवन ने कहा कि इस गाने को आज ही बनाया जा सकता है, फिर कभी उनके दिल से गाने के लिए परफेक्ट दर्द नहीं निकल पाएगा। इसके बाद उन्होंने एक लाइन सुनाई। वो थी, जीता था जिसके लिए, जिसके लिए मरता था। एक ऐसी लड़की थी जिसे मैं प्यार करता था। इस लाइन को सुनने के बाद नदीम-श्रवण ने उनकी तारीफ की थी।
समीर ने इस बारे में भी जिक्र किया था कि उस रात नदीम-श्रवण और वो खुद रोते हुए उस गाने को बना रहे थे। उन्होंने इस बात का खुलासा भी किया कि तीनों जब सिनेमाघरों में उस गाने पर लोगों का रिएक्शन देखने पहुंचे थे, तो उन्हें हैरानी हुई थी कि जितना रोना उन्हें गाना बनाते समय आया था। उससे भी ज्यादा भावुक गाने को सुनने के दौरान दर्शक भी हुए थे।
