मिजोरम राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए हुई वोटिंग पूरी हो गयी। यहां शाम 4 बजे मतदान समाप्ति की घोषणा की गयी। राज्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 71 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। इस बार चुनाव में कुल 209 उम्मीदवार मैदान में थे। 209 उम्मीदवारों में से 15 महिलाएं थी। राज्य में वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी। मिजोरम इस वक्त कांग्रेस शासित एकमात्र पूर्वोत्तर राज्य है
मिजोरम विधानसभा चुनावों में करीब 71 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। इसके पूर्व मिजोरम में 7.68 लाख मतदाताओं में से छह घंटे में 50 फीसदी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आशीष कुंद्रा ने मीडिया को बताया, “अपरान्ह एक बजे तक 7,68,181 मतदाताओं में से 50 प्रतिशत से ज्यादा ने मतदान किया है।” राज्य में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है। पुलिस और अन्य आधिकारिक सूत्रों ने अपरान्ह दो बजे तक करीब 62 फीसदी मतदान होने की बात कही है।
मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ। सभी जिलों में लोग मतदान के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। कुंद्रा ने कहा, “अनुकूल स्थिति और अनुकूल मौसम से लोगों को उनके मताधिकार का प्रयोग सहजता से करने में मदद मिली है।” उन्होंने कहा कि कुछ ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों) के अलावा वीवीपीएटी (वोटर्स वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल) डिवाइस खराब होने को छोड़कर अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
A 106-year-old woman after casting her vote in Kawrthah. #MizoramElections (Pic courtesy: Office of the Chief Electoral Officer) pic.twitter.com/OSd47D4Adb
— ANI (@ANI) November 28, 2018
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कुछ मतदाता जिनकी उम्र 100 साल से ज्यादा है, वे भी अपने परिवार की सहायता से मतदान करने आए। म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा पहाड़ी राज्य मिजोरम आठ पूर्वोत्तर राज्यों में कांग्रेस का अंतिम गढ़ है।
मौजूदा मुख्यमंत्री व पार्टी के प्रदेश अध्यत्र ललथनहावला लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथंगा की अगुवाई वाले मुख्य विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) से कड़ी चुनौती मिल रही है। कांग्रेस और एमएनएफ दोनों ने 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रही है और इसने 39 उम्मीदवार उतारे हैं।
भाजपा और कांग्रेस के अलावा कई क्षेत्रीय एवं स्थानीय पार्टियों ने भी 40 सदस्यीय विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों को उतारा है। इनमें मिजो नेशनल फ्रंट (एनएनएफ) के अलावा पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन फॉर आइडेंटिटी एंड स्टेटस ऑफ मिजोरम (पीआरआईएसएम), जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) शामिल हैं।
राज्य में कुल 768,181 मतदाताओं में से 393,685 महिलाएं और 3,74,496 पुरुष मतदाता हैं। ये मतदाता 209 उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला करेंगे। इन उम्मीदवारों में से 15 महिलाएं हैं। निर्वाचन आयोग ने कन्हमुन में 15 विशेष मतदान केंद्र बनाए हैं, जिससे रीआंग जनजाति के शरणार्थी मतदान कर सकें, जिन्होंने पिछले 21 सालों से त्रिपुरा में शरण ले रखी है। यह गांव मिजोरम-त्रिपुरा की सीमा पर स्थित है।

