आज पूरे देश में स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) मनाया जा रहा है। हर वर्ष 12 जनवरी को यह दिवस भारत के महान विचारक, दार्शनिक और समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

स्वामी विवेकानंद ने अपने ओजस्वी विचारों से न केवल भारतीय समाज को नई दिशा दी, बल्कि युवाओं और छात्रों को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और लक्ष्य के प्रति समर्पण का मार्ग भी दिखाया। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में भी उनके विचार छात्रों के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।

छात्रों के लिए आदर्श शिक्षक थे स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद छात्रों के लिए एक आदर्श गुरु और मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते हैं। वे मानते थे कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मबल और आत्मनिर्भरता विकसित करना है।

उनकी शिक्षाएं छात्रों को:

आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने

कठिन परिस्थितियों में हार न मानने

समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने

अपने लक्ष्य पर अडिग रहने

की प्रेरणा देती हैं।

स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार जो छात्रों को करते हैं प्रेरित

“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।”

“जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है, तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।”

“किसी की निंदा ना करें, अगर मदद कर सकते हैं तो ज़रूर करें, अन्यथा आशीर्वाद दें।”

“जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, उसी समय उसे पूरा करो, वरना लोगों का विश्वास उठ जाता है।”

“यदि स्वयं में विश्वास करना सिखाया जाए, तो दुःख और बुराइयों का बड़ा हिस्सा समाप्त हो सकता है।”

“आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है, स्वयं को निर्बल समझना सबसे बड़ा पाप है।”

“धन तभी मूल्यवान है जब वह दूसरों की भलाई में सहायक हो।”

“ब्रह्मांड की सारी शक्तियाँ हमारे भीतर हैं, हम ही अपनी आँखों पर हाथ रखकर अंधेरा कहते हैं।”

राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व

राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से जोड़ना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। यह दिन छात्रों को यह संदेश देता है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

Jansatta Education Expert Conclusion

स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं आज भी छात्रों और युवाओं के लिए ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उनके विचारों को आत्मसात कर युवा न केवल अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं, बल्कि देश और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।