Swami Vivekanand

आकाश, प्राण और विज्ञान

संत विनोबा ने कभी कहा था वेदांत के कारण दुनिया में भारत भी ख्याति एक सौभाग्य की तरह है। इसी वेदांत की पताका स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो में जब फहराई तो दर्शन और अध्यात्म के साथ विज्ञान की दुनिया की भी दिलचस्पी वेदांत दर्शन की तरफ बढ़ी।

विश्व धर्म महासभा को संबोधित करने के बाद क्यों रातभर रोते रहे स्वामी विवेकानंद? पढ़ें पूरा किस्सा

15 जनवरी 1897 को भारत वापस आते हुए वे सबसे पहले श्रीलंका के कोलंबो उतरे थे और वहां हिन्दू समाज ने उनका बड़ा शानदार स्वागत किया था। स्वामी जी युवाओं के बीच इतने प्रसिद्ध हो गए थे कि उनसे मिलने के लिए युवा रेल गाड़ी तक रुकवा देते थे।

National Youth Day 2021: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर शेयर करें उनके प्रेरक विचार

National Youth Day 2021 Images, Messages: कोलकाता के कुलीन परिवार में जन्में स्वामी जी के बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था

स्वामी विवेकानंद जयंती: ‘मैं उस प्रभु का सेवक हूं, जिसे अज्ञानी लोग मनुष्य कहते हैं’

स्वामी विवेकानंद का हिमालय तलहटी में बसे उत्तराखंड राज्य से गहरा संबंध रहा है जहां उन्होंने कुछ आत्मानुभूति और शांति के पल बिताए। उनकी जयंती 12 जनवरी को है और यह राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

80% घरों में टंगे स्वामी विवेकानंद का फोटो, तो 30 साल सत्ता में राज कर सकती है BJP- त्रिपुरा CM का बयान

इससे पहले, देब ने कोविड-19 के मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत और प्रेरित करने के लिए स्वामी विवेकानंद पर लिखी गईं किताबें बांटी थीं।

ये पढ़ा क्या?
X