रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ग्रुप डी परीक्षा देशभर के निर्धारित केंद्रों पर 27 नवंबर 2025 से शुरू होगी और 16 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस भर्ती परीक्षा में जो उम्मीदवार उपस्थित होने वाले हैं उनके लिए आरआरबी ने हाल ही में एडमिट कार्ड जारी किए थे। एडमिट कार्ड मिल जाने के बाद उम्मीदवारों को अपने सेंटर की जानकारी हो गई है। ऐसे में रेलवे ने एक बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, आरआरबी ने SC/ST कैंडिडेट्स को फ्री यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है।
SC/ST उम्मीदवारों को मिलेगा फ्री यात्रा का लाभ
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि एससी और एसटी कैटेगरी के उम्मीदवार परीक्षा देने के लिए रेलवे के स्लीपर क्लास में फ्री में यात्रा कर सकेंगे। उम्मीदवारों को कॉल लेटर के साथ स्लीपर क्लास रेलवे पास भी जारी किया गया है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारों को यात्रा के दौरान ओरिजिनल जाति प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। एलिजिबल कैंडिडेट्स को CBT, PET या DV राउंड के लिए उनके ई-कॉल लेटर के हिस्से के तौर पर एक फ़्री स्लीपर क्लास रेलवे पास मिलेगा।
कैसे मिलेगा इस सुविधा का लाभ?
आरआरबी की इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कैंडिडेट्स को यह पक्का करना होगा कि वे अपनी एप्लीकेशन में सही बोर्डिंग स्टेशन चुनें। उन्हें ट्रैवल करते समय ओरिजिनल जाति प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। अगर किसी के पास ओरिजनल सर्टिफिकेट नहीं है और वह इस सुविधा का लाभ लेता हुआ पाया गया तो उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी कैंसिल कर दी जाएगी और आगे की परीक्षा के लिए भी उसे बैन कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे उम्मीदवार के खिलाफ लीगल एक्शन भी लिया जा सकता है।
परीक्षा से जुड़े आरआरबी के अहम दिशानिर्देश
रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा को लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने गलत तरीकों के लिए ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी दोहराई है। बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक, कोई भी कैंडिडेट जो चीटिंग करता हुआ पाया जाएगा या फिर कोई किसी और की जगह परीक्षा देता हुआ पाया जाएगा तो उसे आगे की सभी RRB/RRC भर्तियों से हमेशा के लिए डिबार कर दिया जाएगा और अगर वह पहले से नौकरी पर है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा। साथ ही लीगल एक्शन भी लिया जाएगा।
एग्जाम सेंटर के अंदर इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्सनल सामान पूरी तरह से बैन हैं। जिन चीज़ों की इजाजत नहीं है उनमें मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफ़ोन, पेन ड्राइव, कैलकुलेटर, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, वॉलेट, बेल्ट, जूते, मेटल के सामान और गहने शामिल हैं।
एग्जाम सिंगल-स्टेज कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के तौर पर होगा। हालांकि रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन जरूरत पड़ने पर इसे कई स्टेज में कराने का अधिकार रखता है। जो लोग CBT पास कर लेंगे, वे फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के लिए आगे बढ़ेंगे, जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन होगा।
