आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मेधावी छात्रों को शिक्षा से जोड़ने और कक्षा 8 के बाद स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप योजना (NMMSS) को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों में प्रिंट विज्ञापन जारी किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें।

क्या है राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप योजना (NMMSS)?

राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

हर साल 1 लाख नए छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है

चयन राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर की परीक्षा के माध्यम से होता है

योजना का मुख्य लक्ष्य कक्षा 8 के बाद ड्रॉपआउट को रोकना है

छात्रवृत्ति की राशि

12,000 प्रति वर्ष

यह राशि छात्रों को उनकी पढ़ाई के खर्च में सहायता के लिए प्रदान की जाती है

कौन से छात्र पात्र हैं?

छात्र राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय स्कूलों में पढ़ रहे हों

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो

छात्र ने राज्य/यूटी स्तर की चयन परीक्षा पास की हो

शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस योजना के माध्यम से शिक्षा में समानता (Equity in Education) को बढ़ावा देना और EWS वर्ग के छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रिंट विज्ञापनों के जरिए दूर-दराज़ और पिछड़े क्षेत्रों तक जानकारी पहुँचाई जा रही है।

कैसे करें आवेदन?

आवेदन प्रक्रिया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से होती है

परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी संबंधित राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाती है।