NEET PG Latest News Hindi: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज़ (NBEMS) द्वारा जनवरी से जून 2026 के लिए जारी किए गए टेंटेटिव एग्जाम कैलेंडर में NEET-PG का जिक्र न होने से देशभर के मेडिकल छात्रों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। NEET-PG देश की सबसे महत्वपूर्ण पोस्टग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इसके शेड्यूल की अनिश्चितता को लेकर अब विशेषज्ञों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

तारीखों की अनिश्चितता बेहद गैर-जिम्मेदाराना

सेरेबेलम अकैडमी के मनोचिकित्सा विभाग के फैकल्टी डॉ. प्रवीण त्रिपाठी ने NEET-PG 2026 की तारीखों को लेकर चुप्पी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे मेडिकल अभ्यर्थियों के प्रति “बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया” बताया।

डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, “एक तय एग्जाम शेड्यूल के बिना छात्र अपनी पढ़ाई, रिवीजन और मानसिक तैयारी की योजना नहीं बना सकते। NBEMS ने छात्रों को बार-बार अपनी तैयारी की रणनीति बदलने के लिए मजबूर कर दिया है।”

तैयारी और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर

NEET-PG की तारीखों में बीते कुछ वर्षों में लगातार बदलाव, स्थगन और कभी-कभी अचानक परीक्षा पहले कर दिए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे न सिर्फ पढ़ाई की योजना बिगड़ती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।

डॉ. त्रिपाठी ने कहा, “इंटर्नशिप, क्लिनिकल ड्यूटी, ग्रामीण पोस्टिंग और निजी जिम्मेदारियों के बीच तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह अनिश्चितता अत्यधिक तनावपूर्ण है।”

इंटर्नशिप और काउंसलिंग टाइमलाइन को लेकर भी भ्रम

NEET-PG 2026 को लेकर चुप्पी खास तौर पर उन उम्मीदवारों के लिए परेशान करने वाली है, जिनकी इंटर्नशिप कंप्लीशन डेट, एलिजिबिलिटी और काउंसलिंग साइकिल परीक्षा से जुड़ी होती है। आधिकारिक जानकारी के अभाव में सोशल मीडिया और कोचिंग प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहें और अनुमानित डेट्स तेजी से फैल रही हैं, जिससे भ्रम और बढ़ गया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी

डॉ. प्रवीण त्रिपाठी ने अंत में परीक्षा संचालन संस्थाओं से ज्यादा जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा, “इतनी हाई-स्टेक परीक्षा देने वाले मेडिकल छात्रों को बेहतर व्यवहार और समय पर स्पष्ट जानकारी मिलनी ही चाहिए। यह उनका अधिकार है।”

जब तक NBEMS की ओर से NEET-PG 2026 को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक लाखों अभ्यर्थी अनिश्चितता के बीच तैयारी करने को मजबूर रहेंगे।