भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली में प्लेसमेंट सत्र की शुरुआत हुई। इसके तहत पहले ही दिन विद्यार्थियों को नौकरी के 244 अवसर मिले जिसमें से चार अंतरराष्ट्रीय थे। पिछले साल पहले दिन नौकरी के 232 अवसर विद्यार्थियों को मिले थे। इस साल कोर सेक्टर (मेकैनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल और कैमिकल) में पिछले साल की तुलना में कम विद्यार्थियों ने दिलचस्पी दिखाई है। आइआइटी दिल्ली से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल प्लेसमेंट के पहले दिन विद्यार्थियों को 244 अवसर मिले। इनमें से 42 परामर्श क्षेत्र में, 86 कोर सेक्टर में, 21 वित्त क्षेत्र में, 81 सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में और 14 नौक री के अवसर अन्य क्षेत्रों से मिले।
जबकि अगर 2018 में पहले दिन हुए प्लेसमेंट की बात क रें तो 45 परामर्श क्षेत्र में, 92 कोर सेक्टर में, 16 वित्त क्षेत्र में, 64 सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में और 15 अन्य क्षेत्र में नौक री के अवसर उपलब्ध थे। अगर दोनों सालों की तुलना करें तो 2018 की तुलना में 2019 में 12 अधिक अवसर आइआइटी दिल्ली के विद्यार्थियों को उपलब्ध हुए। सूचना प्रौद्योगिकी में जहां पिछले साल के मुकाबले इस साल 17 अवसरों की बढ़ोतरी हुई है जबकि कोर सेक्टर में छह अवसरों की कमी है।
परामर्श क्षेत्र में तीन और वित्त क्षेत्र में पांच अवसरों वृद्धि हुई। जानकारों का मानना है कि मशीन लर्निंग और कृ त्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) जैसे क्षेत्रों के बढ़ने से कोर सेक्टर में विद्यार्थियों की दिलचस्पी धीरे-धीरे कम हो रही है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव की ओर से कहा गया कि प्लेसमेंट के पहले दिन इतने अच्छी शुरु आत से हम बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि मुझे इस बात की भी खुशी है कि आइआइटी दिल्ली के विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय नौक री के अवसर से अधिक राष्ट्रीय अवसरों को महत्त्व दे रहा है।
