CBSE notice for schools: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सभी संबद्ध (Affiliated) स्कूलों को Mandatory Public Disclosure (अनिवार्य सार्वजनिक खुलासा) नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों की आधिकारिक वेबसाइट पर सही, पूर्ण और अपडेटेड जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

CBSE द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ Affiliation Bye-laws के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

वेबसाइट होना और जानकारी देना अनिवार्य

CBSE ने बताया कि जो स्कूल बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करना चाहते हैं या पहले से संबद्ध हैं, उनके लिए कार्यशील (Functional) वेबसाइट विकसित करना अनिवार्य है। वेबसाइट पर स्कूल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध कराना Affiliation Bye-laws की कई धाराओं के तहत अनिवार्य शर्त है।

15 फरवरी 2026 तक अपलोड करनी होगी पूरी जानकारी

बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे Appendix IX के संशोधित फॉर्मेट के अनुसार अपनी वेबसाइट पर जानकारी 15 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपलोड करें। Affiliation Bye-laws की धारा 14.1 के तहत, CBSE द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करना स्कूलों के लिए बाध्यकारी है।

Mandatory Public Disclosure में क्या-क्या जरूरी

Affiliation Bye-laws की धारा 2.3.8 और 2.4.9 के अनुसार, हर CBSE स्कूल को अपनी वेबसाइट पर निम्न जानकारियाँ देना जरूरी है:

स्कूल की संबद्धता स्थिति

बुनियादी ढांचा (Infrastructure) विवरण

फीस संरचना

छात्रों की संख्या

संपर्क विवरण

शिक्षकों की पूरी सूची और उनकी शैक्षणिक योग्यता

सभी वैध और Self-attested दस्तावेज (Appendix IX के अनुसार)

सितंबर तक वार्षिक रिपोर्ट करना अनिवार्य

CBSE ने धारा 14.5 का हवाला देते हुए बताया कि हर स्कूल को 15 सितंबर से पहले वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
इस रिपोर्ट में शामिल होना चाहिए:

अकादमिक कैलेंडर

शिक्षकों की योग्यता व प्रशिक्षण विवरण

परीक्षा परिणाम

खेल उपलब्धियाँ

पर्यावरण शिक्षा गतिविधियां

PTA (Parent-Teacher Association) की गतिविधियां

स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के निर्णय

कुल छात्र संख्या

कई स्कूल अब भी नियमों का पालन नहीं कर रहे

CBSE ने चिंता जताई कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई स्कूलों की वेबसाइट पर:

अधूरी जानकारी

गलत विवरण

अमान्य दस्तावेज

शिक्षकों की योग्यता से जुड़ी जानकारी का अभाव

जैसी गंभीर खामियां पाई गई हैं।

पारदर्शिता के लिए जरूरी है जानकारी

बोर्ड ने कहा कि यह जानकारी अभिभावकों के लिए बेहद जरूरी है ताकि वे स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षण सुविधाओं का सही आकलन कर सकें। यह पूरी प्रक्रिया स्कूल व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।

नियम न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई

CBSE ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो इसे Affiliation Bye-laws की धारा 12.2.3 का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में Chapter 12 के तहत जुर्माना, चेतावनी, या संबद्धता रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।