मशहूर लेखक अमिताव घोष 10 जुलाई से 14 जुलाई 2016 तक राष्ट्रपति भवन में रहेंगे। वे बतौर राइटर इन-रेजिडेंस के तौर पर यहां वक्त गुजारेंगे। उनके साथ उनकी पत्नी भी होंगी। राष्ट्रपति ने 11 दिसंबर 2013 को ‘इन-रेजिडेंस’ प्रोग्राम लॉन्च किया था। इसका मकसद लेखकों और आटिस्ट्स को राष्ट्रपति भवन में ठहरने और वहां की जिंदगी का हिस्सा बनने का मौका देना था। इस प्रोग्राम के तहत ऐसा माहौल दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर क्रिएटिव थिंकिंग कर सकें। यह मशहूर और स्थापित कलाकारों को सम्मान देने का भी तरीका है।
घोष भी इस प्रोग्राम के तहत ही वहां वक्त गुजारेंगे। घोष एक अवॉर्ड विनिंग लेखक हैं। उनकी किताबों में-द सर्कल ऑफ रीजन, द शैडो लाइंस, इन एन एंटीक लैंड, डांसिंग इन कंबोडिया, द कैलकटा क्रामोसोम, द ग्लास पैलेस, द हंग्री टाइड एंड द इबिस ट्रायोलॉजी: सी ऑफ पॉपीज, रिवर ऑफ स्मोक, फ्लड ऑफ फायर। बता दें कि राष्ट्रपति भवन के इस प्रोग्राम के तहत वहां जाने वाले पहले आर्टिस्ट जोगन चौधरी थे। वे सांसद भी हैं।
