एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब सहायक पुलिस आयुक्त यानी एसीपी ने एक महिला को थप्पड़ जड़ दिया था तब इस मामले को लेकर काफी हंगामा मचा था। हम बात कर रहे हैं साल 2018 में हुई उस घटना की जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी हंगामा मचा था। दरअसल उस साल फरवरी के महीने में हैदराबाद पुलिस ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेगमपेट के तत्कालीन एसीपी एस. रंगाराव भी मौजूद थे।
पुलिस ने बी. मंगा उर्फ पद्मा नाम की एक महिला को लेकर दावा किया था कि महिला का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस ने उस वक्त मीडिया को बताया था कि बी. मंगा के साथ-साथ 2 अन्य महिलाओं पर विभिन्न थानों में कई केस दर्ज थे।
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पुलिस का दावा था कि यह तीनों महिलाएं ग्राहक बनकर आभूषणों की दुकान में जाती थीं और फिर वहां से कीमती सामान चोरी कर गायब हो जाती थीं।
पुलिस ने यह दावा इन महिलाओं को चोरी की एक घटना के सिलसिले में पकड़ने के बाद किया था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बी. मंगा भी मौजूद थी। अचानक संवाददाता सम्मेलन के बीच में ही बी. मंगा यह कहने लगी कि वो किसी भी अपराध में शामिल नहीं है और पुलिस ने उन्हें गलत फंसाया है।
यह बात सुनकर वहां मौजूद असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस एस. रंगाराव भड़क गए। अचानक उन्होंने इस महिला को वहां मीडियाकर्मियों के सामने ही थप्पड़ मार दिया था। इस घटना का जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें नजर आ रहा था कि पुलिस अफसर पहले पीछे मुड़ कर आरोपी महिला से बात करते हैं और फिर अचानक उसपर हाथ उठा देते हैं।
#WATCH: S Ranga Rao, Begumpet Assistant Commissioner of Police (ACP), slaps a woman accused of theft during a press conference in #Hyderabad; ACP was later transferred to the City Armed Reserve (CAR) headquarters #Telangana pic.twitter.com/bQzdZoiv7G
— ANI (@ANI) February 17, 2018
यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस उपायुक्त बी. सुमति (उत्तरी जोन) ने पुलिस आयुक्त के निर्देश पर थप्पड़ मारनेवाली घटना की जांच के आदेश दे दिए गए थे। उस वक्त एसीपी का सिटी आर्म्ड रिजर्व में तबादला भी कर दिया गया था।
