इस बेखौफ लेडी डॉन के बारे में कहा जाता है कि वो कानून को खुलेआम चुनौती देती है और फिर अपराध कर भाग जाती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ कहे जाने वाला जिला गोरखपुर में इस लेडी डॉन के किस्से काफी मशहूर हैं। हम बात कर रहे हैं कई अपराधों में सक्रिय लेडी डॉन रिंकू गोस्वामी की। रिंकू गोस्वामी उस वक्त चर्चा में आ गई थी जब उसने बोलेरो से कौड़ीराम चौकी इंचार्ज को कुचलने की कोशिश की थी।

गगहा थाना क्षेत्र के कहला गांव की रहने वाली रिंकू गोस्वामी उर्फ रिंकी पशु तस्करी में बेहद माहिर मानी जाती है। गोरखपुर में पेशेवर अपराधों में शामिल महिलाओं में पहला नाम रानी तिवारी का आता है। कभी यहां रानी तिवारी की तूती बोलती थी। लेकिन अब रिंकू गोस्वामी का नाम गोरखपुर की दूसरी लेडी डॉन के तौर पर लिया जाता है। शातिर रिंकी के खिलाफ साल 2017 से ही कई मुकदमे दर्ज हैं।

बताया जाता है कि उसपर हत्या के प्रयास के ही तीन मुकदमे दर्ज हैं। रिंकी पर साजिश रचने, पशु क्रूरता अधिनियमों की तहत भी कई केस दर्ज हैं। आरोप है कि रिंकू पशु तस्करों के साथ मिलकर गैंग का संचालन करती है। इस गैंग को वो खुद ही लीड करती है।

इस लेडी डॉन को लेकर एक और किस्सा बेहद मशहूर है कि जब एक बार ग्रामीणों ने उसे घेर लिया था तब वो तमंचे से फायरिंग कर भाग निकली थी। इसके बाद से ही इलाके में लोग उसे लेडी डॉन के नाम से जानने लगे।

रिंकू गोस्वामी पशु तस्कर कैसे बनी? इसके पीछे भी एक कहानी बताई जाती है। कहा जाता है कि बिहार के रहने वाले एक अन्य तस्कर अजय यादव के संपर्क में आने के बाद रिंकू गोस्वामी पशु तस्करी के धंधे में उतरी थी। धीरे-धीरे वो इस तस्करी की सरगना बन गई। वर्ष 2018 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

उसके रसूख के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि वो जेल में तैनात एक बंदी रक्षक की कार से चलती थी। यह भी कहा जाता है कि रिंकी से उलझने में पुलिस कर्मचारी भी बचते रहे हैं। यही नहीं उसकी बात न सुनने पर उसने गगहा के एक कांस्टेबल को सस्पेंड कराने तक की धमकी दी थी। इसी साल जनवरी के महीने में पुलिस ने उसकी फाइलें खोली थीं और उससे जुड़े अन्य पशु तस्करों पर शिकंजा कसने की तैयारी की गई है।