इस महिला आईएएस की खासियत यह है कि उनकी जहां भी पोस्टिंग होती है वो आम जनता के बीच जाकर काम करने के लिए जानी जाती हैं। हम बात कर रहे हैं महिला आईएएस अफसर अनुज मलिक की। अनुज मलिक की गिनती निडर अफसरों की फेहरिस्त में की जाती है। बात 6 मई 2020 की है। इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कहा जा रहा था कि जिले के सहजनवां क्षेत्र में क्वारन्टीन किए गए लोगों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
उस वक्त गोरखपुर में अनुज मलिक बतौर एसडीएम तैनात थीं। इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए अनुज मलिक क्वरान्टीन सेंटर का हालचाल जानने के लिए अपनी टीम लेकर निकली थीं। लेकिन क्वारन्टीन सेंटर पहुंचते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुज मलिक और पुलिस की गाड़ियों पर गांव वालों और क्वारन्टीन सेंटर में रह रहे लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव और लोगों के विरोध प्रदर्शन के बीच वहां स्थिति काफी नाजुक बन गई। लेकिन अनुज मलिक ने वहां मोर्चा संभाला था। उन्होंने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया था। इस काम की वजह से यह महिला आईएएस काफी चर्चा में रही थीं।
लॉकडाउन के दौरान उनके काम को काफी सराहा गया था। बताया जाता है कि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए जब देश भर में लॉकडाउन किया गया था तब उस दौरान एसडीएम सहजनवां अनुज मलिक स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर तहसील क्षेत्र के हर गरीब तक खाने के पैकेट और खाद्यान्न सामग्री पहुंचाने में जुटी थीं। सतर्कता के साथ अपने तहसील क्षेत्र में बाहर से आए सभी लोगों को समय पर क्वारंटीन भी कराया था। वह उनकी नियमति रिपोर्ट की जानकारी भी लेती रहती थीं।
सुबह-शाम हाइवे पर पेट्रोलिंग के साथ ही रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करती थीं कि कोई गरीब बिना खाए-पीए तो नहीं है। किराना की दुकानों के साथ ही कोटे की दुकानों का भी लगातार निरीक्षण करती रहीं, ताकि राशन वितरण में गड़बड़ी रोकी जा सके।

