देश में ईमानदार और निडर आईएएस तथा आईपीएस अफसरों की कोई कमी नहीं है। आज हम जिस अफसर की बात यहां कर रहे हैं उनके बारे में कहा जाता है कि कामकाज के दौरान वो किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करते। इतना ही नहीं गैर-कानूनी कामों के खिलाफ वो बेधड़क होकर कार्रवाई करते हैं।
हम बात कर रहे हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर मधुसूदन की। बात साल 2016 की है। उस वक्त मधुसूदन एक प्रशिक्षु आईएएस थे। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उनकी तैनाती ज्वायंट मजिस्ट्रेट के तौर पर थी। जुलाई के महीने में वह रोडवेज परिसर के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी एक सपा नेता बबलू यादव का ट्रैक्टर बोल्डर पत्थर लेकर गुजरने लगा। ट्रेनी आईएएस ने उसे रोकते हुए ट्रैक्टर के पेपर और पत्थर से संबंधित कागजात मांगे। ट्रेनी आईएएस ने एक पुलिस कर्मी को ट्रैक्टर सुपुर्द कर दिया, लेकिन ड्राइवर ट्रैक्टर में भरे पत्थरों को गिराकर भागने लगा।
थोड़ी ही देर बाद ट्रैक्टर मालिक बबलू यादव भी वहां पहुंच गए। पता चला कि बबलू यादव समाजवादी पार्टी के नेता थे और उनके साथ उनके बेटे रोहित यादव भी वहां आए थे। सपा नेता ने ट्रेनी आईएएस से उस वक्त कहा था कि वो उनका ट्रैक्टर छोड़ दें। मधुसूदन ने जब इस बात से इनकार किया तब वो अफसर पर दबाव बनाने लगे।
मधुसूदन अवैध लोडिंग पर कार्रवाई करने वाले थे और इस बीच सपा नेता ने उन्हें ‘नया लड़का’ कह दिया। इस बात को लेकर ट्रेनी आईएएस और सपा नेता के बीच वहां बहस शुरू हो गई थी। इस बहसबाजी की सूचना मिलने पर वहां पुलिस भी पहुंच गई। ट्रेनी आईएएस को भारी पड़ता देख सपा नेता बबलू यादव अचानक हाथ जोड़ कर मधुसूदन से माफी मांगने लगे।
लेकिन कर्त्व्यनिष्ठ कहे जाने वाले आईएएस अफसर मधुसूदन ने सपा नेता की ट्रैक्टर जब्त कर ली औऱ उनकी एक नहीं सूनी। ट्रैनी आईएएस को ‘नया लड़का’ कहे जाने की यह घटना काफी सुर्खियों में रही थी।

