उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दलित लड़की की मौत के बाद हंगामा मच गया। दलित लड़की का शव एक खेत में मिला है। पोस्टमार्टम के लिए डेड बॉडी लेने गांव पहुंची पुलिस को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। बताया जा रहा है कि 16 साल की नाबालिग दलित लड़की शव मिलने के बाद इलाके के लोग काफी आक्रोशित हो गये। बताया जा रहा है कि लड़की पशुओं के लिए चारा जुटाने रविवार को दोपहर के बाद खेत में गई थी। लेकिन काफी देर तक लड़की वापस नहीं लौटी।
लड़की के घर वापस नहीं लौटने के बाद घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। थोड़ी देर तलाश करने के बाद लड़की का शव जंगल से मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस लड़की की डेड बॉडी लेने के लिए मौके पर पहुंची थी। लेकिन यह खबर जब गांव वालों को मिली तो वो भी वहां जमा हो गए। गांव वालों ने डेड बॉडी लेने आई पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में इंस्पेक्टर जख्मी
गांव वालों के इस हमले में यहां के इंस्पेक्टर प्रणेंद्र कुमार जख्मी हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देर रात कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। गांव वालों को समझाने के बाद गांव वाले पुलिस को लड़की का शव सौंपने के लिए तैयार हुए।
यौन हिंसा के आरोप की जांच जारी
सोमवार को पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में ऐसा लगता है कि लड़की की गला दबाकर हत्या की गई है। इस मामले में लड़की के साथ यौन हिंसा का आरोप भी लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लड़की के साथ यौन हिंसा के आरोपों पर कुछ कहा जा सकता है।
फिलहाल अब पुलिस इस मामले की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि लड़की की मौत किन परिस्थितियों में हुई और कौन इसके लिए जिम्मेदार है? इसका पता जल्द ही लगा लिया जाएगा।
