उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्कॉलर सुदीक्षा भाटी की मौत के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी ने आरोप लगाया है कि 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं लेकिन पुलिस किसी को पकड़ नहीं पाई और उल्टे उन्हीं से सवाल किये जा रहे हैं।

सुदीक्षा के पिता ने ‘आज तक’ से बातचीत में कहा कि ‘पुलिस ढंग से काम नहीं कर रही है…पुलिस उल्टे पूछ रही है कि बाइक कौन चला रहा था। बाइक कोई भी चला रहा हो, लेकिन मैं कह रहा हूं कि जिसने स्टंट किया, जिसने बेटी को गिराया पुलिस उन तक क्यों नहीं पहुंच रही है। पुलिस ने अभी तक कुछ नहीं किया…घटना को 24 घंटे से ज्यादा हो गए लेकिन पुलिस की तरफ से अभी तक कुछ नहीं किया गया है।’

पिता का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में उनसे कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि जो लड़के रास्ते में छेड़खानी कर रहे थे वो बुलेट पर सवार थे और हादसे के वक्त वो भी अपनी बाइक से गिरे थे। लेकिन बाद में वो उठकर चले गए। उनका यह भी कहना है कि आरोपी लड़कों ने एक दुकानदार से भी बातचीत की थी..हो सकता है कि दुकानदार लड़कों को जानता हो…ऐसे में पुलिस को इन सभी बातों का पता लगाना चाहिए।

इधर बुलंदशहर के जिलाधिकारी, रविंद्र कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ‘कल सुबह सुदीक्षा भाटी अपने भाई के साथ बाइक से अपने मामा के घर जा रही थीं। औरंगाबाद से तीन किलोमीटर पहले ट्रैफिक की वजह से उनके आगे जो व्यक्ति जा रहे थे उन्होंने ब्रेक मारी जिसके बाद हादसा हुआ।’

सुदीक्षा भाटी सोमवार को अपने चाचा के साथ अपने एक अन्य रिश्तेदार के घर मोटरसाइकिल से जा रही थीं। रास्ते में कुछ मनचलों से उनसे छेड़खानी की थी। इस दौरान यह लड़के सड़क पर स्टंट कर रहे थे और अचानक जब इन लड़कों ने उनकी बाइक के सामने ब्रेक लगाया तो उनके चाचा ने अपना संतुलन खो दिया और सड़क पर गिर गये। इस हादसे में सुदीक्षा को सिर में चोट लगी और उनकी मौत हो गई।

सुदीक्षा काफी होनहार छात्रा थीं। इंटर में उन्होंने बुलंदशहर में टॉप किया था। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुदीक्षा को HCL की तरफ से 3.80 करोड़ की स्कॉलरशिप मिली हुई थीं और वो अमेरिका में पढ़ाई कर रही थीं। छुट्टी के दौरान वो अपने घर आई हुई थीं और यहां छेड़खानी के दौरान उनकी मौत हो गई।