हम आपको देश की उन बहादुर बेटियों के बारे में बता रहे हैं जिनके हौसले के आगे गुंडे-बदमाशों को एक नहीं चली। आज इस कड़ी में हम उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली एक बेटी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। इस जिले में एक गांव है मसौलिया। यह गांव करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में आता है। गांव के वैसनपुरवा में शालिनी का घर है, जहां वो अपने परिजनों के साथ रहती है। बात साल 2019 की है। अक्टूबर के महीने में एक रात कुछ बदमाश लूटपाट के इरादे से शालिनी के घर में घुस गए। तब शायद बदमाशों ने सोचा था कि वो घर में आराम से हाथ साफ कर महफूज निकल जाएंगे। लेकिन ये इतना आसान नहीं था।
आधी रात को घर में किसी के घुसने की आहट मिलते ही शालिनी की नींद खुल गई। शालिनी ने देखा कि घर में कुछ बदमाश घुसे हैं और उनकी नीयत लूटपाट की है। लेकिन इन बदमाशों से डरने के बजाए शालिनी ने उनसे लोहा लेने का फैसला किया। आधी रात को शोर मचाते हुए शालिनी ने इन बदमाशों को ललकारा। शोर मचते ही बदमाश असहज हो गए और भागने का रास्ता खोजने लगे। लेकिन इस बहादुर बेटी ने बड़ी फुर्ती के साथ एक बदमाश को वहीं धर दबोचा।
बदमाश के साथ शालिनी की हाथापाई शुरू हो गई। शालिनी ने अकेले ही उस बदमाश को धूल चटा दिया था। लेकिन लड़की को भारी पड़ता देख एक अन्य बदमाश ने उसपर हथगोला फेंक दिया। हथगोला, शालिनी के पैर पर लगा और वो वहीं जख्मी हो गई। हालांकि, तब तक शालिनी के हौसले आगे सभी बदमाश पस्त हो चुके थे। ये हल्ला-हंगामा सुन घऱ के अन्य लोग और आसपास के लोग भी जग गए थे।
अपनी जान मुसीबत में फंसता देख चोर उल्टे पांव घर से भाग निकले। आनन-फानन में जख्मी शालिनी को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने इलाज के बाद शालिनी को अस्पताल से छुट्टी दे दी। बहादुर बेटी की बहादुरी की चर्चा पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई थी। शालिनी की बहादुरी पर कॉलेज प्रशासन ने भी उस समय उसकी सराहना की थी। इतना ही नहीं तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने उस वक्त शालिनी की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उसे पुरस्कृत भी किया था।

